पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और जैविक खेती के लिए मशहूर किसान कमला पुजारी (Kamala Pujari) का निधन हो गया। कमला 74 वर्ष की थीं। कमला पुजारी के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ओडिशा के मुख्यमंत्री समेत कई दिग्गज हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है।
वह अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों को छोड़ गई हैं। कमला पुजारी को 2 दिन पहले किडनी संबंधी बीमारियों के चलते कटक के SCB अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने शनिवार सुबह अंतिम सांस ली। उनका इलाज 4 सदस्यीय मेडिकल टीम कर रही थी। लेकिन उनकी हालत बिगड़ने के बाद जयपुर के जिला अस्पताल से ओडिशा के कटक ले जाया गया था।
कोरापुट जिले के बैपारीगुडा ब्लॉक के पतरापुट गांव में जन्मी पुजारी जैविक खेती की समर्थक थीं। उन्होंने चावल की 100 किस्मों की खेती की थी। वह एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन से जुड़ी थीं। उन्हें 2019 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वह 2018 में राज्य योजना बोर्ड की सदस्य बनीं और 2004 में ओडिशा सरकार ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ किसान पुरस्कार से सम्मानित किया था। उन्होंने 2002 में दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ‘इक्वेटर इनीशिएटिव अवार्ड’ से भी नवाजा गया था।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…
भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…
विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…
98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…
भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…
गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…