केंद्र सरकार ने पद्म सम्मान की घोषणा की। साल 1971 में बांग्लादेश की आजादी की जंग के दौरान शरणार्थी शिविरों में लोगों की सेवा करने वाले डॉ. दिलीप महालनाबिस को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित करने का ऐलान हुआ। डॉ. महालनाबिस ने ORS के फॉर्म्युले की खोज की थी। उनकी इस खोज ने 5 करोड़ से ज्यादा जानें बचाई थीं।
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अंडमान के रिटायर्ड सरकारी डॉक्टर रतन चंद्राकर को पद्म श्री दिया जाएगा। वह जरावा जनजाति के साथ काम कर रहे हैं। गुजरात के सिद्दी समुदाय की बेहतरी के लिए जीवन समर्पित करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और नेता हीराबाई लोबी और वंचितों का इलाज कर रहे जबलपुर के डॉक्टर मुनीश्वर चंदर डावर को भी पद्म श्री से सम्मानित करने का फैसला हुआ है।
पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं। पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। इस वर्ष 106 पद्म पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की गई है। जिसमें छह पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 पद्मश्री शामिल हैं। सूची में विदेशी/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई की श्रेणी के दो और सात लोगों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया जाएगा। सूची में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव समेत कई दिग्गजों के नाम शामिल हैं। 2023 में पद्म पुरस्कार पाने वालों की पूरी लिस्ट देखिए।
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