भारतीय सिनेमा ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, क्योंकि नीरज घायवान की फिल्म ‘होमबाउंड’ को 98वें अकादमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2026) में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह फिल्म अब मतदान के अगले चरण में पहुँच गई है और दुनिया भर के 86 देशों व क्षेत्रों से भेजी गई प्रविष्टियों में से चुनी गई अंतिम 15 शॉर्टलिस्टेड फिल्मों में शामिल हो गई है।
फिल्म ‘होमबाउंड’ को अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज़ (AMPAS) द्वारा अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में आधिकारिक रूप से शॉर्टलिस्ट किया गया है। शॉर्टलिस्ट होने का अर्थ है कि यह फिल्म अब अंतिम नामांकन चरण के लिए पात्र हो गई है, जहाँ अकादमी के विभिन्न विभागों के सदस्य 15 चयनित फिल्मों को देखने के बाद मतदान करेंगे। अंततः इनमें से केवल 5 फिल्मों को ही ऑस्कर के अंतिम नामांकन में जगह मिलेगी।
नीरज घायवान द्वारा निर्देशित ‘होमबाउंड’ में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि जान्हवी कपूर एक महत्वपूर्ण सहायक भूमिका निभा रही हैं। यह फिल्म दो बचपन के दोस्तों—शोएब और चंदन—की कहानी है, जिनका पुलिस बल में शामिल होने का साझा सपना सामाजिक दबाव, कर्तव्य और दोस्ती के बीच उनके जीवन की दिशा तय करता है। यह कथा युवा भारत के अनुभवों को केंद्र में रखते हुए आकांक्षा, जिम्मेदारी और भावनात्मक दृढ़ता जैसे विषयों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है।
फिल्म ‘होमबाउंड’ को पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त सराहना मिल चुकी है। इसका प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 के प्रतिष्ठित ‘अन सर्टेन रिगार्द (Un Certain Regard)’ सेक्शन में हुआ, जिसे विश्व सिनेमा के सबसे सम्मानित मंचों में गिना जाता है। इसके बाद फिल्म को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में भी प्रदर्शित किया गया, जहाँ इसे इंटरनेशनल ऑडियंस चॉइस अवॉर्ड में सेकंड रनर-अप का सम्मान मिला।
इन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में मिली सफलता ने ‘होमबाउंड’ के लिए वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान और सकारात्मक माहौल तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
फिल्म ‘होमबाउंड’ का निर्माण धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा किया गया है। इसके निर्माता करण जौहर, अदार पूनावाला और अपूर्व मेहता हैं। फिल्म की सह-निर्माता मारीके डी’सूज़ा और मेलिटा टोसकान डू प्लांटियर हैं। विशेष रूप से, विश्व-प्रसिद्ध फिल्मकार मार्टिन स्कॉर्सेसी और प्रविण खैरनार को फिल्म के एक्ज़ीक्यूटिव प्रोड्यूसर के रूप में श्रेय दिया गया है, जिससे फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक विश्वसनीयता व प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है।
इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी उन फीचर फिल्मों को मान्यता देती है, जिनका निर्माण संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर हुआ हो और जिनमें संवाद मुख्य रूप से अंग्रेज़ी के अलावा किसी अन्य भाषा में हों। इस श्रेणी में प्रत्येक देश केवल एक आधिकारिक प्रविष्टि भेज सकता है, जिससे चयन प्रक्रिया अत्यंत प्रतिस्पर्धी हो जाती है।
अंतिम 15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट में जगह बनाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
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