Operation Rising Lion: इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट पर किया हमला

क्षेत्रीय संघर्ष में बड़ी वृद्धि के तहत, इज़राइल ने अपने चल रहे सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ (Operation Rising Lion) के तहत दूसरे दौर के हमले शुरू कर दिए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है कि नतांज़ (Natanz) यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर एक बड़ा विस्फोट हुआ है। इज़राइल ने ईरान की सैन्य और परमाणु अवसंरचना को निशाना बनाने की घोषणा की है, इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “अस्तित्वगत खतरा” बताते हुए।

समाचार में क्यों?

ईरान की महत्वपूर्ण परमाणु सुविधाओं — विशेषकर नतांज़ यूरेनियम संवर्धन स्थल — को निशाना बनाए जाने के कारण ऑपरेशन राइजिंग लायन को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इस कार्रवाई से मध्य-पूर्व में तनाव और अस्थिरता की आशंका और गहरी हो गई है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह इस सैन्य अभियान में शामिल नहीं है, जिससे यह एक एकतरफा इज़राइली कार्रवाई बन गई है।

ऑपरेशन का विवरण:

पहलू विवरण
ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन राइजिंग लायन (Operation Rising Lion)
प्रारंभकर्ता इज़राइल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF)
प्रमुख लक्ष्य
  • ईरान की परमाणु अवसंरचना

  • बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण इकाइयाँ

  • सामरिक सैन्य क्षमताएँ
    | मुख्य हमला स्थल | नतांज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र, इस्फ़हान प्रांत (Isfahan Province)

नेताओं के बयान:

  • इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा:

    “यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इज़राइल के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा समाप्त नहीं हो जाता।”

  • अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा:

    “अमेरिका इस अभियान में शामिल नहीं है और वह क्षेत्र में अपने बलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।”

प्रभाव और पृष्ठभूमि:

  • नतांज़ संयंत्र वर्षों से अंतरराष्ट्रीय परमाणु वार्ताओं का केंद्र रहा है और इससे पहले भी इस पर साइबर हमले और साबोटाज हो चुके हैं।

  • ऑपरेशन का पहला चरण कुछ दिन पहले पूरा हुआ था, जिसमें तेहरान और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए गए थे।

  • इज़राइल का दावा है कि ईरान की बढ़ती परमाणु गतिविधियाँ उसके लिए एक तत्काल खतरा हैं।

भूराजनीतिक प्रभाव:

  • ईरान की जवाबी कार्रवाई की संभावना बहुत अधिक है, जिससे क्षेत्रीय युद्ध भड़क सकता है।

  • अमेरिका की दूरी से चल रही परमाणु वार्ताएं प्रभावित हो सकती हैं।

  • नतांज़ पर हमले से ईरान की यूरेनियम संवर्धन क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका है।

यह घटना न केवल मध्य-पूर्व में तनाव को नई ऊँचाई पर ले जा सकती है, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों को भी गहराई से प्रभावित कर सकती है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

Grammy Awards 2026: दलाई लामा ने जीता पहला ग्रैमी अवॉर्ड, जानें क्यों मिला पुरस्कार

लॉस एंजिलिस में आयोजित 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए 90 वर्ष की आयु…

15 mins ago

जनवरी में GST कलेक्शन ₹1.93 लाख करोड़ के पार क्यों पहुंचा?

भारत की कर संग्रहण स्थिति 2026 की शुरुआत में मजबूत बनी हुई है। जनवरी 2026…

1 hour ago

जानें कौन हैं एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया, जिन्होंने संभाली ईस्टर्न एयर कमांड की कमान

एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ( Air Marshal Inderpal Singh Walia ) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…

3 hours ago

16वें वित्त आयोग ने 41% हिस्सेदारी का बंटवारा क्यों बनाए रखा?

केंद्र और राज्यों के बीच धन के बंटवारे ने एक नए चरण में प्रवेश कर…

3 hours ago

16.5% हिस्सेदारी के साथ कौन-सा राज्य बना भारत का नवीकरणीय ऊर्जा पावरहाउस?

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में गुजरात ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 31 दिसंबर…

3 hours ago

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026: प्रकृति के जीवनदायी पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण का संकल्प

World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…

4 hours ago