ऑपरेशन नादेर और जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान

भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने मई 2025 में जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए। ये अभियान हालिया आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया में और खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए। इसमें भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) शामिल थे। ये कार्रवाइयाँ आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ रणनीति को दर्शाती हैं।

ऑपरेशन ‘नादेर’ – त्राल, अवंतीपोरा

तारीख: 15 मई 2025
त्राल के नादेर इलाके में खुफिया जानकारी मिलने पर संयुक्त अभियान शुरू किया गया।

  • संदिग्ध गतिविधि देखे जाने पर सुरक्षा बलों ने घेराबंदी की।

  • जवाब में आतंकवादियों ने भारी गोलीबारी की।

  • इसके बाद तीव्र मुठभेड़ शुरू हुई।

  • ऑपरेशन अभी भी जारी है।

  • चिनार कॉर्प्स (भारतीय सेना) ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।

शोपियां मुठभेड़ – 13 मई 2025

स्थान: केलर जंगल, शोपियां जिला

  • खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त तलाशी अभियान किया गया।

  • मुठभेड़ में 3 आतंकवादी मारे गए, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का एक स्थानीय कमांडर शामिल था।

  • बरामदगी: AK सीरीज की राइफलें, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, ग्रेनेड और युद्ध जैसे अन्य उपकरण।

ऑपरेशन ‘सिंदूर’ – सीमा पार स्ट्राइक

  • इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया।

  • करीब 100 आतंकवादी मारे गए

  • लक्ष्य:

    • बहावलपुर (जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय)

    • मुरीदके (लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा बेस)

  • ये सटीक हमले भारत की सैन्य क्षमता को दर्शाते हैं।

पहलगाम आतंकी हमला

  • इस हमले में 26 नागरिक मारे गए

  • रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली।

  • इस घटना ने क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों की गति को तेज किया।

शामिल आतंकी संगठन

संगठन का नाम विवरण
The Resistance Front (TRF) लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी संगठन, भारत में प्रतिबंधित।
Lashkar-e-Taiba (LeT) पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन, संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित।
Jaish-e-Mohammed (JeM) पाकिस्तान स्थित संगठन, भारत में कई हमलों का जिम्मेदार।

इसकी महत्ता क्यों है?

  • ये अभियान दिखाते हैं कि भारत आतंकवाद पर कठोर और त्वरित कार्रवाई कर रहा है।

  • सेना, पुलिस और CRPF के समन्वय से अभियान की प्रभावशीलता बढ़ी है।

  • खुफिया-आधारित कार्रवाइयाँ भविष्य के हमलों को रोकने में सहायक हैं।

  • सीमापार स्ट्राइक भारत की आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने की क्षमता दर्शाती है।

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vikash

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