ऑयल इंडिया और एचसीएल ने खनिजों के अन्वेषण और विकास के लिए किया समझौता

भारत की खनिज सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीतिक पहल के तहत ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) ने 19 सितंबर 2025 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य विशेष रूप से तांबे और उससे जुड़े खनिजों की खोज और विकास को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाना है। यह साझेदारी भारत के राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन का अहम हिस्सा है, जिसका मकसद ऊर्जा, उद्योग और प्रौद्योगिकी के लिए आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति को सुरक्षित करना है।

समझौते के प्रमुख बिंदु

  • तांबा और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संयुक्त खोज और विकास

  • खनन, खनिज संवर्धन (beneficiation) और प्रसंस्करण में सहयोग।

  • महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भरता हासिल करना।

OIL की संसाधन खोज क्षमता और HCL की खनन व धातु उत्पादन विशेषज्ञता के मेल से उत्पादन क्षमता और संचालन को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

क्यों हैं ये खनिज महत्वपूर्ण?

तांबा और अन्य महत्वपूर्ण खनिज आवश्यक हैं –

  • स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों (सोलर पैनल, पवन टरबाइन) के लिए।

  • इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बड़े पैमाने पर तांबे की वायरिंग और बैटरियों के लिए।

  • उच्च-प्रौद्योगिकी इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा प्रणालियों और डिजिटल अवसंरचना के लिए।

घरेलू स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करना आयात निर्भरता कम करने, ऊर्जा संक्रमण के लिए तैयार रहने और औद्योगिक मजबूती बनाए रखने के लिए बेहद अहम है।

दोनों पीएसयू की भूमिका

ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL)

  • महा-रत्न पीएसयू, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत।

  • परंपरागत रूप से तेल व गैस अन्वेषण पर केंद्रित, अब खनिज खोज में भी कदम बढ़ा रहा है।

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL)

  • मिनी-रत्न पीएसयू, खान मंत्रालय के अधीन।

  • भारत का एकमात्र ऊर्ध्वाधर (vertically integrated) तांबा उत्पादक – खनन से लेकर रिफाइनिंग तक।

दोनों की साझेदारी से अपस्ट्रीम (exploration) और डाउनस्ट्रीम (processing) क्षमताओं का एकीकृत मूल्य श्रृंखला (value chain) तैयार होगी।

स्थायी तथ्य

  • MoU हस्ताक्षर तिथि: 19 सितंबर 2025

  • संलग्न संगठन:

    • ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL): महा-रत्न पीएसयू, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय

    • हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL): मिनी-रत्न पीएसयू, खान मंत्रालय

  • केंद्रित खनिज: तांबा एवं अन्य महत्वपूर्ण खनिज

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vikash

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