ओडिशा ने अपने वस्त्र एवं परिधान उद्योग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 7,808 करोड़ रुपये (902 मिलियन डॉलर) के 33 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह उपलब्धि भुवनेश्वर में आयोजित ओडिशा-टेक्स 2025 सम्मेलन के दौरान हासिल की गई। यह पहल “ओडिशा अपैरल एवं टेक्निकल टेक्सटाइल नीति 2022” के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य राज्य को पूर्वी भारत का वस्त्र हब बनाना है।
बड़ी निवेश वृद्धि
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के नेतृत्व में ओडिशा सरकार ने 160 से अधिक वस्त्र कंपनियों के साथ 902 मिलियन डॉलर (₹7,808 करोड़) के समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। प्रमुख भागीदारों में पेज इंडस्ट्रीज़, केपीआर मिल्स, स्पोर्टकिंग, आदर्श निटवियर, बॉन एंड कंपनी और बी.एल. इंटरनेशनल शामिल रहे।
रोजगार सृजन का लक्ष्य
राज्य सरकार ने 2030 तक वस्त्र और परिधान क्षेत्र में एक लाख से अधिक नौकरियां उत्पन्न करने का लक्ष्य रखा है। इससे न केवल राज्य में रोजगार दर में वृद्धि होगी बल्कि कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों को भी अवसर मिलेंगे।
वस्त्र क्लस्टर्स का विस्तार
सरकार छह प्रमुख जिलों में वस्त्र हब विकसित करने की योजना बना रही है—
बलांगीर
क्योंझर
संबलपुर
जगतसिंहपुर
गंजाम
कटक
इन क्लस्टरों में बड़े पैमाने पर वस्त्र निर्माण इकाइयों के आने की संभावना है, जिससे राज्य का औद्योगिक आधार मजबूत होगा।
अपैरल एवं टेक्निकल टेक्सटाइल नीति 2022
औद्योगिक नीति संकल्प 2022 के अनुरूप, यह नीति निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करती है। नीति का मुख्य फोकस है—
विश्वस्तरीय अवसंरचना
त्वरित परियोजना अनुमोदन
रोजगार सब्सिडी
सहायक शासन प्रणाली
रोजगार सब्सिडी में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को प्रोत्साहित करने के लिए मासिक रोजगार लागत सब्सिडी में वृद्धि की घोषणा की—
पुरुष श्रमिकों के लिए ₹5,000 से बढ़ाकर ₹6,000
महिला श्रमिकों के लिए ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000
इस कदम से क्षेत्र को श्रमिक अनुकूल बनाया जाएगा और महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी।
ओडिशा-टेक्स 2025 सम्मेलन राज्य की निवेश क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए एक वैश्विक मंच बना। इसमें 650 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें वैश्विक वस्त्र ब्रांड, प्रौद्योगिकी प्रदाता, स्टार्टअप्स और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल थे।
राज्य के उद्योग विभाग के अंतर्गत एक समर्पित टास्क फोर्स भी गठित की गई है, जो सभी MoUs के कार्यान्वयन की निगरानी करेगी और निवेशकों को पूर्ण सरकारी सहयोग सुनिश्चित करेगी।
इस पहल के माध्यम से ओडिशा पूर्वी भारत के भविष्य के वस्त्र हब के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है। नीतिगत सुधार, आधारभूत संरचना विकास और रोजगार सृजन पर केंद्रित यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। यह भारत के वस्त्र और परिधान निर्यात बाजार को मजबूत करने के राष्ट्रीय लक्ष्य में भी योगदान देगा।
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