ओडिशा सरकार ने आपातकालीन बंदियों के लिए ₹20,000 पेंशन की घोषणा की

ओडिशा राज्य सरकार ने 1975 से 1977 के दौरान आपातकाल के समय जेल गए व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना की घोषणा की है। 1 जनवरी 2025 से, ओडिशा के सभी जीवित बंदियों को प्रति माह ₹20,000 की पेंशन, चिकित्सा कवर और अन्य लाभ दिए जाएंगे। यह कदम उन लोगों को सम्मान और सहायता प्रदान करने के लिए उठाया गया है, जिन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा घोषित आपातकाल के दौरान “आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (MISA)” के तहत कैद किया गया था।

मुख्य बिंदु

पेंशन की घोषणा

  • पेंशन राशि: आपातकाल (1975-1977) के दौरान जेल गए जीवित व्यक्तियों को प्रति माह ₹20,000 प्रदान किए जाएंगे।

चिकित्सा लाभ

  • लाभार्थियों को राज्य की स्वास्थ्य कल्याण योजनाओं के तहत मुफ्त चिकित्सा उपचार मिलेगा।

पात्रता

  • केवल वे व्यक्ति जो 1 जनवरी 2025 तक जीवित हैं और जिन्हें MISA या संबंधित अधिनियमों के तहत कैद किया गया था, वे इस योजना के लिए पात्र होंगे।

आवेदन प्रक्रिया

  • लाभार्थियों को संबंधित दस्तावेजों के साथ, जैसे शपथ पत्र और सह-बंदी के विवरण, कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट को आवेदन करना होगा।

सरकारी समिति

  • पात्र व्यक्तियों के चयन के लिए राज्य और जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है।

आपातकाल का पृष्ठभूमि

  • 25 जून 1975 को घोषित आपातकाल के दौरान राजनीतिक विरोधियों की व्यापक रूप से गिरफ्तारी की गई थी, और कई लोगों को बिना मुकदमे के कैद किया गया था।

समयरेखा विवरण

  • पेंशन प्रारंभ तिथि: 1 जनवरी 2025।
  • घोषणा की तिथि: 13 जनवरी 2025, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा।

महत्व

  • यह पेंशन योजना उन व्यक्तियों के बलिदान को स्वीकार करती है जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया और जेल गए।
  • ओडिशा सरकार की यह पहल इन व्यक्तियों को वित्तीय सहायता और चिकित्सा समर्थन प्रदान करती है, जिससे देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने में उनके योगदान को मान्यता दी जा सके।
मुख्य बिंदु विवरण
क्यों समाचार में? ओडिशा सरकार ने आपातकाल के बंदियों के लिए ₹20,000 पेंशन की घोषणा की।
पेंशन राशि प्रति माह ₹20,000।
चिकित्सा लाभ राज्य की स्वास्थ्य कल्याण योजनाओं के तहत मुफ्त चिकित्सा उपचार।
पात्रता 1975-1977 के आपातकाल के दौरान जेल गए व्यक्ति, जो 1 जनवरी 2025 तक जीवित हैं।
आवेदन प्रक्रिया कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट को शपथ पत्र और सह-बंदी के विवरण के साथ आवेदन प्रस्तुत करें।
घोषणा की तारीख 13 जनवरी 2025।
लागू होने की तारीख 1 जनवरी 2025।
आपातकाल का पृष्ठभूमि 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लगाया गया, जिसमें राजनीतिक विरोधियों की व्यापक गिरफ्तारी हुई।
महत्व आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों के बलिदानों को स्वीकार करता है और वित्तीय व चिकित्सा सहायता प्रदान करता है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago