ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने सुभद्रा योजना का अनावरण किया है, जो भाजपा सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 21 से 60 वर्ष की आयु की एक करोड़ महिलाओं को 50,000 रुपये दिए जाने का वादा किया गया है, जिसका कुल बजट 55,825 करोड़ रुपये है। यह धनराशि 10,000 रुपये की वार्षिक किस्तों में वितरित की जाएगी, जिसे राखी पूर्णिमा और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 5,000 रुपये की दो किस्तों में विभाजित किया जाएगा।
सुभद्रा योजना वित्तीय वर्ष 2024-25 से शुरू होकर 2028-29 तक जारी रहेगी। पात्र महिलाओं को पांच वार्षिक किस्तों में ₹50,000 मिलेंगे, जिसका लाभ राज्य की एक करोड़ महिलाओं को मिलेगा। आधार भुगतान ब्रिज सिस्टम (APBS) के माध्यम से लाभार्थियों के आधार-सक्षम बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाएगा, और सुभद्रा डेबिट कार्ड जारी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय में सबसे अधिक डिजिटल लेनदेन करने वाले 100 लाभार्थियों को ₹500 का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने सरकार की आलोचना की है कि वह भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में उल्लिखित दो वर्षों के भीतर 50,000 रुपये प्रदान करने के अपने वादे को पूरा करने में कथित रूप से विफल रही है।
आर्थिक रूप से संपन्न पृष्ठभूमि, सरकारी कर्मचारी या आयकर दाता महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है। कार्यान्वयन का उद्देश्य पारदर्शिता लाना और लाभार्थियों के बीच डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करना है।
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