प्रख्यात उड़िया साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार मनोरमा महापात्र (Manorama Mohapatra) का निधन हो गया। वह ओडिया दैनिक ‘द समाज (The Samaja)’ की पूर्व संपादक थीं। उन्होंने 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1988 में सोवियत नेहरू पुरस्कार, 1990 में क्रिटिक सर्कल ऑफ इंडिया अवार्ड, 1991 में ईश्वर चंद्र विद्यासागर सम्मान और 1994 में रूपंबरा पुरस्कार जीता था।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…
धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…