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निषाद, सिमरन ने पैरा एथलेटिक्स विश्व 2025 में स्वर्ण पदक जीता

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर को आयोजित 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया, जब निषाद कुमार और सिमरन शर्मा ने स्वर्ण पदक जीते। उनकी जीत उस ऐतिहासिक दिन पर हुई जब भारत ने कुल चार पदक जीते, जिससे देश वैश्विक पैरा एथलेटिक्स मंच पर अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के और करीब पहुँच गया।

दोहरी स्वर्ण जीत ने बढ़ाया राष्ट्रीय उत्साह

  • पुरुष हाई जंप T47 में निशाद कुमार ने 2.14 मीटर की छलांग लगाकर अपना पहला विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण पदक जीता।

    • इस छलांग ने उनका एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धियों से आगे रखा।

  • उसी दिन, सिमरन शर्मा ने महिला 100 मीटर T12 में 11.95 सेकंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता।

    • यह उनका पहला विश्व खिताब और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय था।

इन प्रदर्शन ने केवल पदक नहीं बल्कि दृढ़ता, कौशल और राष्ट्रीय गर्व का संदेश भी दिया।

मुख्य प्रदर्शन और हाइलाइट्स

निशाद कुमार का ऐतिहासिक छलांग

  • निशाद कुमार ने पहले कई वैश्विक प्रतियोगिताओं में रजत पदक जीते थे, जिनमें टोक्यो पैरा ओलंपिक्स शामिल हैं।

  • नई दिल्ली 2025 में उन्होंने अंततः सिल्वर से गोल्ड में परिवर्तन किया।

  • उनकी 2.14 मीटर की छलांग ने टर्की के अब्दुल्ला इलगाज़ और अमेरिका के रोडरिक टाउनसेंड को पीछे छोड़ा।

सिमरन शर्मा की गति और परिशुद्धता

  • T12 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनकी दृष्टि मध्यम रूप से बाधित है।

  • सिमरन की 12 सेकंड से कम समय में दौड़ ने उनके स्पीड और दबाव में परफेक्ट निष्पादन को दर्शाया।

अन्य पदक विजेता – 3 अक्टूबर

  • प्रीति पाल – महिला 200 मीटर T35, कांस्य

  • पर्दीप कुमार – पुरुष डिस्कस थ्रो F64, कांस्य

इन उपलब्धियों ने भारत को विश्व पैरा एथलेटिक्स में एक उभरती शक्ति के रूप में स्थापित किया।

मुख्य तथ्य

विवरण जानकारी
ईवेंट World Para Athletics Championships 2025
स्थान नई दिल्ली
दिनांक 3 अक्टूबर 2025
स्वर्ण पदक विजेता निशाद कुमार (हाई जंप T47 – 2.14 मीटर), सिमरन शर्मा (100 मीटर T12 – 11.95 सेकंड)
कांस्य पदक विजेता प्रीति पाल (महिला 200m T35), परदीप कुमार (पुरुष डिस्कस F64)

सारांश:
3 अक्टूबर 2025 भारत के लिए पैरा एथलेटिक्स में इतिहास बनाने वाला दिन साबित हुआ। निशाद कुमार और सिमरन शर्मा की स्वर्ण पदक जीत ने भारत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी।

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vikash

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