केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष (एनआईआईएफ) द्वारा अपना पहला निवेश किया. एनआईआईएफ ने भारत में बंदरगाह टर्मिनल, परिवहन, आपूर्ति व्यापार के क्षेत्र में निवेश हेतु एक मंच बनाने के लिए डीपी वर्ल्ड के साथ साझेदारी की है.
एनआईआईएफ के मास्टर कोष की शुरूआत अक्टूबर, 2017 को अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (एडीएए) की एक सब्सिडरी और चार घरेलू संस्थागत निवेशक – एचडीएफसी ग्रुप, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा लाइफ और एक्सिस बैंक के सहयोग से हुई थी. एक भारत ब्रिटेन हरित विकास इक्विटी कोष (GGEF) की भी स्थापना की जा रही है. जिसके तहत दोनों ही देशों की सरकारें 120-120 मिलियन पाउंड का निवेश करेंगी. भारत सरकार एनआईआईएफ के जरिये इस कोष में धन डालेगा.
एनआईआईएफ के मास्टर कोष की शुरूआत अक्टूबर, 2017 को अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (एडीएए) की एक सब्सिडरी और चार घरेलू संस्थागत निवेशक – एचडीएफसी ग्रुप, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा लाइफ और एक्सिस बैंक के सहयोग से हुई थी. एक भारत ब्रिटेन हरित विकास इक्विटी कोष (GGEF) की भी स्थापना की जा रही है. जिसके तहत दोनों ही देशों की सरकारें 120-120 मिलियन पाउंड का निवेश करेंगी. भारत सरकार एनआईआईएफ के जरिये इस कोष में धन डालेगा.
एनआईआईएफ के बारे में संक्षिप्त-
एनआईआईएफ लिमिटेड एक निधि प्रबंधक है जो भारत में ऊर्जा, परिवहन, आवास, जल, अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य बुनियादी ढांचा से संबंधित क्षेत्रों में निवेश करने वाले घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य बनाने की तलाश करता है. कंपनी संयुक्त रूप से भारत सरकार तथा भारत और विदेशों से निवेशकों के स्वामित्व वाली है.









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