नीरज चोपड़ा को प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में सम्मानित किया गया

नीरज चोपड़ा — भारत के प्रतिष्ठित भाला फेंक (Javelin Throw) खिलाड़ी और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता — को एक और गौरवपूर्ण सम्मान प्राप्त हुआ है। उन्हें टेरेटोरियल आर्मी (Territorial Army) में मानद (Honorary) लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि प्रदान की गई है।
यह सम्मान न केवल उनके असाधारण खेल उपलब्धियों की पहचान है, बल्कि उनके अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना का भी प्रतीक है।
यह क्षण उस सुंदर संगम को दर्शाता है, जहाँ भारतीय रक्षा परंपरा और खेल उत्कृष्टता एक साथ आती हैं।

नीरज चोपड़ा की सेना में यात्रा

नीरज चोपड़ा का भारतीय सेना से जुड़ाव अगस्त 2016 में हुआ, जब उन्हें नायब सूबेदार (Naib Subedar) के रूप में शामिल किया गया था।
इसके बाद उनके खेल और सेवा दोनों में निरंतर उत्कर्ष के परिणामस्वरूप —

  • 2021: टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें सूबेदार (Subedar) पद पर पदोन्नत किया गया।

  • 2022: उन्हें सूबेदार मेजर (Subedar Major) बनाया गया और साथ ही पद्म श्री एवं परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) से सम्मानित किया गया — जो सेना का सर्वोच्च शांतिकालीन सम्मान है।

  • 16 अप्रैल 2025 से प्रभावी, उन्हें मानद लेफ्टिनेंट कर्नल (Honorary Lieutenant Colonel) का पद प्रदान किया गया।

इस नियुक्ति ने नीरज को खेल और सैन्य दोनों क्षेत्रों में राष्ट्रीय प्रतीक (National Icon) के रूप में स्थापित किया है।

मानद पद का अर्थ

टेरेटोरियल आर्मी (Territorial Army) भारतीय सेना की एक अंशकालिक स्वैच्छिक इकाई (part-time volunteer force) है, जो नियमित सेना को सहायक सेवाएँ प्रदान करती है।
मानद पद किसी व्यक्ति को सक्रिय सैन्य कमान (active command) नहीं देता, लेकिन यह अत्यंत प्रतिष्ठित और प्रतीकात्मक होता है।

यह उपाधि उन नागरिकों या गैर-सेवारत व्यक्तियों को दी जाती है जिन्होंने राष्ट्र के प्रति असाधारण योगदान दिया हो।
सम्मान प्रदान करने की पिपिंग सेरेमनी (Pipping Ceremony) नई दिल्ली में आयोजित की गई, जिसमें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थलसेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी उपस्थित थे।

दोनों नेताओं ने नीरज की देशभक्ति, अनुशासन और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत होने की सराहना की।

राष्ट्रीय सम्मान और खेल उपलब्धियाँ

नीरज चोपड़ा की खेल यात्रा अनेक ऐतिहासिक सम्मान से सुशोभित है —

  • अर्जुन पुरस्कार (2018) — एथलेटिक्स में प्रारंभिक उत्कृष्ट योगदान के लिए

  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (2021) — भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान

  • ओलंपिक स्वर्ण पदक (टोक्यो 2020) — ट्रैक एंड फील्ड में भारत का पहला स्वर्ण

  • विश्व चैम्पियनशिप (World Championships) — रजत एवं स्वर्ण पदक विजेता

इन उपलब्धियों ने नीरज को एक राष्ट्रीय नायक (National Hero) बना दिया है और यह सम्मान उनके दुर्लभ और प्रेरक योगदान की आधिकारिक मान्यता है।

सम्मान का व्यापक महत्व

यह नियुक्ति केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति एक साझा भावना का प्रतीक है —

  • यह दर्शाती है कि सेना जैसी संस्थाएँ नागरिक उत्कृष्टता का भी सम्मान करती हैं।

  • यह युवाओं को अनुशासन, देशप्रेम और उत्कृष्टता के आदर्श अपनाने की प्रेरणा देती है।

  • यह खेल और राष्ट्रीय सेवा के बीच पुल (bridge) बनाती है, जिससे खिलाड़ी भी राष्ट्रनिर्माण में भागीदार बनते हैं।

नीरज चोपड़ा अब उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) ने सम्मानित किया है — जिनमें एम.एस. धोनी और अभिनव बिंद्रा जैसे नाम भी शामिल हैं।

निष्कर्ष:
नीरज चोपड़ा का मानद “लेफ्टिनेंट कर्नल” पद खेल और सेवा दोनों क्षेत्रों में भारत की भावना — “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय खेल” का प्रतीक है।
वह न केवल भारत के स्वर्ण पुरुष हैं, बल्कि राष्ट्र की प्रेरक शक्ति और अनुशासन के प्रतीक भी हैं।

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vikash

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