NCL ने सिंगरौली में सीएसआर पहल ‘चरक’ की शुरुआत की

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल), कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में, ‘चरक’ परियोजना (समुदाय स्वास्थ्य: कोयलांचल के लिए एक उत्तरदायी कदम) की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गंभीर बीमारियों के लिए मुफ्त उपचार प्रदान करना है। यह परियोजना सिंगरौली और सोनभद्र जिलों के उन निवासियों को लाभान्वित करेगी जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये से कम है। इसमें कैंसर, टीबी, एचआईवी, हृदय रोग और अन्य बीमारियों का इलाज शामिल है। यह परियोजना एनसीएल की क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

‘चरक’ परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  • लक्षित लाभार्थी: सिंगरौली और सोनभद्र के निवासी जिनकी पारिवारिक आय 8 लाख रुपये से कम है।
  • कवर की जाने वाली बीमारियां: कैंसर, टीबी, हृदय रोग, एचआईवी, अंग प्रत्यारोपण, जलने की चोट, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं आदि।
  • मुफ्त उपचार: एनसीएल के समर्पित अस्पताल या देशभर के विशेषज्ञ पैनल अस्पतालों में उपलब्ध।

एनसीएल की सीएसआर प्रतिबद्धता

  • पिछले निवेश: पिछले 10 वर्षों में सीएसआर परियोजनाओं पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, जिससे लगभग 10 लाख लोग प्रभावित हुए।
  • वर्तमान प्रयास: इस वित्तीय वर्ष के लिए सीएसआर व्यय का लक्ष्य 172.97 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में 157 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
  • स्वास्थ्य पर ध्यान: ‘चरक’ एनसीएल की व्यापक सामाजिक जिम्मेदारी पहलों का हिस्सा है, जिसमें क्षेत्र की कमजोर आबादी के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है।
समाचार में क्यों? मुख्य बिंदु
एनसीएल द्वारा चरकपरियोजना का शुभारंभ नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने ‘चरक’ (समुदाय स्वास्थ्य: कोयलांचल के लिए एक उत्तरदायी कदम) परियोजना की शुरुआत कोयला मंत्रालय के तहत की।
चरक का उद्देश्य सिंगरौली और सोनभद्र जिलों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गंभीर बीमारियों का मुफ्त उपचार प्रदान करना।
पात्रता मानदंड वार्षिक पारिवारिक आय सभी स्रोतों से ₹8 लाख से कम।
कवर की गई बीमारियां कैंसर, टीबी, एचआईवी, हृदय रोग, अंग प्रत्यारोपण, जलने की चोट, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं आदि।
उपचार सुविधा एनसीएल के अस्पताल (एनएससी) या देशभर के विशेषज्ञ पैनल अस्पतालों में मुफ्त उपचार।
एनसीएल का सीएसआर निवेश पिछले 10 वर्षों में सीएसआर पहलों पर ₹1,000 करोड़ से अधिक खर्च।
पिछले वित्तीय वर्ष का सीएसआर व्यय पिछले वित्तीय वर्ष में सीएसआर गतिविधियों पर ₹157 करोड़ खर्च।
वर्तमान वर्ष के लिए सीएसआर लक्ष्य चल रहे वित्तीय वर्ष के लिए ₹172.97 करोड़ का लक्ष्य।
सीएसआर का प्रभाव पिछले दशक में एनसीएल की सीएसआर पहलों से लगभग 10 लाख लोग लाभान्वित।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026: प्रकृति के जीवनदायी पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण का संकल्प

World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…

1 hour ago

रूमेटॉइड आर्थराइटिस जागरूकता दिवस 2026: गठिया के प्रति समझ और जागरूकता का संकल्प

रूमेटॉइड आर्थराइटिस को अक्सर केवल जोड़ों के दर्द के रूप में समझ लिया जाता है,…

2 hours ago

केंद्रीय बजट 2026-27 की मुख्य बातें

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026–27…

3 hours ago

ग्रैमी अवार्ड्स 2026: विजेताओं की पूरी सूची

ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026 ने एक बार फिर संगीत की उत्कृष्टता, रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रभाव को…

4 hours ago

रेलवे बजट 2026: भारतीय रेलवे को बदलने के लिए रिकॉर्ड ₹2.93 लाख करोड़ का निवेश

केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे को अब तक का सबसे अधिक वित्तीय समर्थन मिला…

23 hours ago

Union Budget 2026: नया इनकम टैक्स कानून 1 अप्रैल 2026 से होगा लागू

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया…

23 hours ago