राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (NSSTA), जो सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत कार्यरत है, ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित महालनोबिस ऑडिटोरियम, नॉलेज पार्क-II में अपना 18वां स्थापना दिवस मनाया। इस वर्ष की थीम थी — “विकसित भारत@2047 के विज़न को प्राप्त करने के लिए आधिकारिक सांख्यिकी में क्षमता निर्माण की पुनर्कल्पना”। इस अवसर पर NSSTA की उस यात्रा को रेखांकित किया गया, जिसके तहत यह भारत की आधिकारिक सांख्यिकीय प्रणाली को कौशल विकास, नैतिक मानकों और तकनीकी उन्नति के माध्यम से सशक्त बनाने वाली एक प्रमुख केंद्रीय प्रशिक्षण संस्था के रूप में स्थापित हुई है।
क्षमता निर्माण पर विशेष जोर
P. R. Meshram, महानिदेशक (डेटा गवर्नेंस) ने कहा कि आधुनिक क्षमता निर्माण पारंपरिक प्रशिक्षण से आगे बढ़कर लोगों (People), प्रक्रियाओं (Processes) और प्लेटफॉर्म (Platforms) में निवेश पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सांख्यिकी को आम जनता के लिए सरल और समझने योग्य बनाने में प्रभावी संचार कौशल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
केंद्रीय मंत्री Rao Inderjit Singh ने कहा कि सांख्यिकी साक्ष्य-आधारित शासन की आधारशिला है। उन्होंने क्षमता निर्माण में बिग डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मजबूत संस्थानों के निर्माण में सक्षम व्यक्तियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए इस पहल को “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” की भावना से जोड़ा।
Saurabh Garg, सचिव, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने डेटा को भूमि, श्रम, पूंजी और प्रौद्योगिकी के साथ “उत्पादन का पाँचवाँ कारक” बताया। उन्होंने भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) के पुनर्गठन, 60 मंत्रालयों में ISS अधिकारियों की तैनाती तथा जिला स्तर पर सूक्ष्म (ग्रैन्युलर) डेटा प्रसार पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
केंद्रीय मंत्री ने डिजिटल डेटा लैब का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य—
स्टीफन प्रीसनर, संयुक्त राष्ट्र रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ने सांख्यिकी को “विकास का व्याकरण” बताते हुए कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) 2030 और भारत के विजन 2047 को प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
18वें स्थापना दिवस समारोह ने National Statistical Systems Training Academy (NSSTA) की प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसमें आधिकारिक सांख्यिकी को मजबूत करना, डेटा-आधारित नीति निर्माण के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देना, AI और उन्नत विश्लेषण को अपनाना तथा भविष्य के लिए तैयार सांख्यिकीय कार्यबल का निर्माण शामिल है।
यह आयोजन विकसित भारत@2047 की दीर्घकालिक विकास दृष्टि के अनुरूप है और इस बात पर बल देता है कि सुदृढ़ डेटा प्रणाली प्रभावी शासन और समावेशी विकास की केंद्रीय आधारशिला है।
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