भारत ने खेल प्रशासन में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय खेल शासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है। इन नियमों का उद्देश्य राष्ट्रीय खेल निकायों में पारदर्शिता, खिलाड़ी-केंद्रित शासन और लैंगिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। चुनाव प्रक्रिया, पात्रता और जवाबदेही मानकों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करके सरकार खेल प्रशासन को पेशेवर बनाने और इसे वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप लाने का प्रयास कर रही है।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के प्रावधानों को लागू करने के लिए राष्ट्रीय खेल शासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं।
इन नियमों में राष्ट्रीय खेल निकायों (National Sports Bodies) और क्षेत्रीय खेल महासंघों के शासन के लिए विस्तृत ढांचा प्रदान किया गया है।
इनमें सामान्य निकाय (General Body) और कार्यकारी समिति (Executive Committee) की संरचना, चुनाव प्रक्रिया और पात्रता शर्तों को परिभाषित किया गया है। मुख्य उद्देश्य एक पारदर्शी, जवाबदेह और खिलाड़ी-प्रेरित खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है तथा वैधानिक शासन व्यवस्था में सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करना है।
एक अहम सुधार के तहत प्रत्येक राष्ट्रीय खेल निकाय की सामान्य सभा में कम से कम चार विशिष्ट उपलब्धि वाले खिलाड़ियों (Sportspersons of Outstanding Merit – SOMs) को शामिल करना अनिवार्य किया गया है। लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए इनमें से 50% महिलाएं होना आवश्यक है। पात्रता शर्तों में न्यूनतम आयु 25 वर्ष, सक्रिय खेल से सेवानिवृत्ति और प्रतिस्पर्धी खेल से एक वर्ष का कूलिंग-ऑफ अवधि शामिल है।
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