नासा के दो ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन: SPHEREx और PUNCH

नासा जल्द ही दो महत्त्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन, SPHEREx (स्पेक्ट्रो-फोटोमीटर फॉर द हिस्ट्री ऑफ द यूनिवर्स, एपोच ऑफ रीऑनाइज़ेशन, एंड आइस एक्सप्लोरर) और PUNCH (पोलारिमीटर टू यूनिफाई द कोरोना एंड हीलियोस्फीयर) को लॉन्च करने की तैयारी में है। ये मिशन ब्रह्मांड की उत्पत्ति, अंतरिक्षीय प्रकाश और सूर्य के बाहरी वातावरण से जुड़े रहस्यों को उजागर करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। स्पेसएक्स फाल्कन रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित किए जाने वाले ये मिशन खगोल विज्ञान में एक नए युग की शुरुआत करेंगे।

NASA के SPHEREx और PUNCH मिशन: उद्देश्य, तकनीक और अपेक्षित निष्कर्ष

मिशन उद्देश्य प्रयुक्त तकनीक अपेक्षित निष्कर्ष
SPHEREx प्रारंभिक आकाशगंगाओं से आने वाले ब्रह्मांडीय प्रकाश का मानचित्रण इन्फ्रारेड डिटेक्टर बिग बैंग और ब्रह्मांडीय इतिहास की गहरी समझ
PUNCH सूर्य की बाहरी कोरोना और सौर हवाओं का अध्ययन पोलारिमीट्रिक इमेजिंग सौर तूफानों और अंतरिक्ष मौसम की बेहतर जानकारी

SPHEREx: ब्रह्मांडीय प्रकाश का रहस्य उजागर

SPHEREx का परिचय

नासा का SPHEREx (स्पेक्ट्रो-फोटोमीटर फॉर द हिस्ट्री ऑफ द यूनिवर्स, एपोक ऑफ रीऑयनाइजेशन एंड आइस एक्सप्लोरर) मिशन पूरे आकाश का सर्वेक्षण करने के लिए तैयार है। यह एक $488 मिलियन की अंतरिक्ष वेधशाला है, जिसे ब्रह्मांड के इतिहास में आकाशगंगाओं द्वारा उत्सर्जित कुल प्रकाश को मापने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह विशेष रूप से उन आकाशगंगाओं का अध्ययन करेगा जो बिग बैंग के तुरंत बाद बनी थीं। पारंपरिक टेलीस्कोप केवल व्यक्तिगत खगोलीय पिंडों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन SPHEREx आकाशगंगाओं के सामूहिक प्रकाश का विश्लेषण करके ब्रह्मांड के विकास की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करेगा।

SPHEREx कैसे काम करेगा?

SPHEREx मिशन उन्नत इंफ्रारेड डिटेक्टरों का उपयोग करके आकाश का बेहद स्पष्ट नक्शा तैयार करेगा। यह मिशन:

  • दो वर्षों में पूरे आकाश का चार बार सर्वेक्षण करेगा।
  • पृथ्वी की सतह से 400 मील (640 किमी) की ऊंचाई पर परिक्रमा करेगा।
  • अंतरतारकीय बर्फों की रासायनिक संरचना की पहचान करेगा और यह समझने में मदद करेगा कि पानी और जैविक अणु प्रारंभिक सौर प्रणाली में कैसे वितरित हुए।
  • ब्रह्मांडीय अवरक्त पृष्ठभूमि प्रकाश की तीव्रता को मापेगा ताकि आकाशगंगाओं के निर्माण को बेहतर ढंग से समझा जा सके।

बिग बैंग के प्रभावों का खुलासा

मिशन वैज्ञानिक जेमी बॉक के अनुसार, SPHEREx ब्रह्मांडीय चमक का विश्लेषण करेगा, जो इतिहास में अब तक उत्सर्जित सभी प्रकाश को समाहित करता है। इस मिशन से खगोल भौतिकी के कुछ सबसे महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है:

  • प्रारंभिक आकाशगंगाएं कैसी थीं?
  • बिग बैंग के बाद ब्रह्मांड इतनी तेजी से क्यों फैला?
  • अंतरतारकीय बर्फों ने ग्रहों के निर्माण में कैसे योगदान दिया?

इंफ्रारेड मैपिंग से हमें ब्रह्मांड की उत्पत्ति की विस्तृत, रंगीन तस्वीर मिलेगी, जिससे वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के सबसे शुरुआती क्षणों को समझने में मदद मिलेगी।

PUNCH: सूर्य के बाहरी वायुमंडल की खोज

PUNCH का परिचय

जहां SPHEREx गहरे अंतरिक्ष पर केंद्रित है, वहीं PUNCH (Polarimeter to UNify the Corona and Heliosphere) सूर्य के बाहरी कोरोना और सौर हवा (solar wind) का अध्ययन करेगा। यह मिशन चार छोटे (सूटकेस के आकार के) उपग्रहों का एक समूह होगा, जो मिलकर सूर्य की ऊपरी परतों से निकलने वाली सौर सामग्री के अंतरिक्ष में प्रवेश को समझने में मदद करेगा।

PUNCH के लक्ष्य

  • सूर्य के कोरोना (Corona) का विस्तार से अवलोकन करना।
  • सौर हवा (solar wind) और कोरोनल मास इजेक्शन (CMEs) को ट्रैक करना।
  • अंतरिक्ष मौसम की भविष्यवाणी में सुधार करना, जो उपग्रहों और अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

PUNCH की तकनीक

पोलारिमीट्रिक इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके PUNCH सौर हवा की उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली छवियां लेगा। इससे वैज्ञानिक यह समझ सकेंगे कि सौर तूफान (Solar Storms) पृथ्वी के मैग्नेटोस्फेयर (चुंबकीय क्षेत्र) को कैसे प्रभावित करते हैं और यह GPS तथा संचार नेटवर्क को कैसे बाधित कर सकते हैं।

PUNCH से संभावित खोजें

  • सौर हवा की लगातार छवियां प्रदान करेगा और उसकी गति को ट्रैक करेगा।
  • अंतरिक्ष मौसम की घटनाओं की भविष्यवाणी को सटीक बनाएगा।
  • सौर कणों (solar particles) के अंतरिक्ष में प्रसार की गहरी समझ प्रदान करेगा।

SPHEREx और PUNCH का अंतरिक्ष अनुसंधान पर प्रभाव

SPHEREx ब्रह्मांड का सबसे विस्तृत 3D अवरक्त मानचित्र (infrared map) तैयार करेगा, जिससे वैज्ञानिकों को आकाशगंगाओं के विकास का इतिहास समझने में मदद मिलेगी।
PUNCH सूर्य की सौर हवाओं और अंतरिक्ष मौसम की रीयल-टाइम निगरानी प्रदान करेगा, जिससे हम अंतरिक्षीय जोखिमों से बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे।

ये दोनों मिशन मिलकर खगोल भौतिकी (Astrophysics) और सौर विज्ञान (Heliophysics) के अध्ययन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले हैं!

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vikash

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