नासा के आर्टेमिस-1 ने नया रिकॉर्ड बनाया है। पृथ्वी से 4 लाख किलोमीटर दूर पहुंच कर इतिहास बनाया है। अपोलो 13 को पछाड़ अर्टेमिस-1 मून मिशन का नया हीरो बन गया है। पांच दिनों की लंबी यात्रा और अंतरिक्ष में लाखों किलोमीटर का सफर, नासा के आर्टेमिस वन ने इस मुश्किल सफर को आसानी से तय कर लिया और आखिरी अपोलो मिशन के बाद, चांद की सतह में दाखिल होने वाला ये पहला अंतरिक्ष यान बन गया।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
नासा के मुताबिक, अर्टेमिस 1 का ओरियन कैप्सूल पृथ्वी से करीब 4 लाख 19 हजार 378 किलोमीटर दूर पहुंच गया है। इससे पहले साल 1972 में अपोलो-13 पृथ्वी से 2 लाख 48 हजार 655 मील यानी 4,00,171 किमी दूर पहुंचा था। नासा के मुताबिक अर्टेमिस 1 का ओरियन कैप्सूल लगभग 6 दिन तक चांद की कक्षा में चक्कर लगाएगा। जिसके बाद 11 दिसंबर को प्रशांत महासागर में इसकी लैंडिंग होगी।
स्पेस एजेंसी के मुताबिक, इस मिशन की सफलता 2024 में आर्टेमिस 2 मिशन का भविष्य तय करेगी, नासा ने 53 साल बाद अपने मून मिशन आर्टिमिस के जरिये इंसानों को दोबारा चांद पर भेजने की योजना बनाई है। नासा के मिशन के मुताबिक इंसान 2025 में ना सिर्फ चांद पर कदम रख सकता है, बल्कि 1972 के अपोलो मिशन के यात्रियों से ज्यादा समय तक वहां समय भी गुजार सकता है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को गौतमबुद्ध नगर के जेवर में 'नोएडा इंटरनेशनल…
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड गुरजंत सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया…
भारत ने सतत परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली…
जापान ने अपनी प्रतिष्ठित बुलेट ट्रेन को केवल माल ढुलाई (फ्रेट) के लिए उपयोग करके…
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के…
एक नया COVID-19 वैरिएंट BA.3.2, जिसे ‘सिकाडा वैरिएंट’ के नाम से जाना जा रहा है,…