मंगल ग्रह का चक्कर लगा रहे मावेन अंतरिक्ष यान से नासा का संपर्क टूटा

NASA ने पुष्टि की है कि उसके मार्स ऑर्बिटर MAVEN (Mars Atmosphere and Volatile Evolution Mission) से अचानक संपर्क टूट गया है। यह घटना उस समय हुई जब MAVEN मंगल ग्रह के पीछे गया और दोबारा सामने आने पर ग्राउंड स्टेशन से लिंक नहीं कर पाया।

क्या हुआ MAVEN के साथ?

  • मंगल के पीछे जाने से पहले MAVEN सामान्य रूप से काम कर रहा था

  • दोबारा संपर्क स्थापित नहीं हुआ

  • NASA ने तत्काल इंजीनियरिंग जांच शुरू की

  • अभी तक किसी तकनीकी खराबी या नुकसान की पुष्टि नहीं

MAVEN 10+ वर्षों से मंगल की कक्षा में सक्रिय था और यह मिशन NASA के सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अभियानों में से एक है।

MAVEN मिशन क्या है?

2013 में लॉन्च और 2014 में मंगल की कक्षा में प्रवेश, MAVEN का मुख्य उद्देश्य था:

मुख्य वैज्ञानिक लक्ष्य

  • मंगल के ऊपरी वायुमंडल का अध्ययन

  • सौर पवन (Solar Wind) से होने वाली वायुमंडलीय हानि को समझना

  • यह जानना कि मंगल कैसे एक गर्म, जल-समृद्ध ग्रह से ठंडे, बंजर ग्रह में बदल गया

इसके निष्कर्षों से वैज्ञानिकों ने पुष्टि की कि सूर्य की सौर पवन ने अरबों वर्षों में मंगल का वायुमंडल खत्म कर दिया

मंगल मिशनों के लिए संचार रिले की भूमिका

MAVEN केवल विज्ञान मिशन नहीं था—यह एक उच्च-ऊंचाई संचार रिले भी था।

यह किन मिशनों को डेटा भेजने में मदद करता था?

  • क्यूरियोसिटी रोवर
  • पर्सिवरेंस रोवर

इसके बंद होने से NASA के मंगल संचार नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया है।

NASA के अन्य सक्रिय मार्स ऑर्बिटर

अंतरिक्षयान प्रक्षेपण वर्ष स्थिति
Mars Reconnaissance Orbiter 2005 सक्रिय
Mars Odyssey 2001 सक्रिय

ये दोनों NASA के सबसे पुराने और अभी भी चालू मंगल उपग्रह हैं।

अब आगे क्या?

NASA MAVEN के अंतिम सिग्नल का विश्लेषण कर रहा है। संभावित कारणों में शामिल हैं:

  • सेफ-मोड में जाना

  • एंटीना का गलत दिशा में हो जाना

  • सॉफ्टवेयर/कम्युनिकेशन सिस्टम की खराबी

  • पावर सिस्टम में समस्या

फिलहाल MAVEN की स्थिति अनिश्चित है। NASA संपर्क बहाल करने की कोशिश जारी रखे हुए है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस: 21 अप्रैल

राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस हर साल 21 अप्रैल को भारत के सिविल सेवकों के समर्पण…

2 hours ago

सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा हेतु लद्दाख को मिलेगा भारत का पहला पेट्रोग्लिफ़ संरक्षण पार्क

भारत का पहला पेट्रोग्लिफ़ संरक्षण पार्क लद्दाख के सिंधु घाट पर बनाया जाएगा। इसकी आधारशिला…

17 hours ago

CBI ने अभय नाम का एआई आधारित चैटबॉट/ऐप तैयार किया

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ‘अभय’ नाम का एक AI-पावर्ड चैटबॉट पेश किया है। यह…

17 hours ago

वस्त्र मंत्रालय ने वैश्विक मंच पर भारतीय बुनाई को बढ़ावा देने के लिए ‘विश्व सूत्र’ लॉन्च किया

भारत की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए, कपड़ा मंत्रालय…

17 hours ago

Blue Origin ने रचा इतिहास: पुन: उपयोग किए गए New Glenn Booster की पहली सफल लैंडिंग

ब्लू ओरिजिन ने पहली बार अपने 'न्यू ग्लेन' रॉकेट के दोबारा इस्तेमाल किए गए बूस्टर…

18 hours ago

RELOS समझौता लागू: भारत और रूस ने सैन्य लॉजिस्टिक्स सहयोग को मज़बूत किया

रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए, भारत और रूस ने अप्रैल…

18 hours ago