MSME मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश में नए टेक्नोलॉजी सेंटर को मंज़ूरी दी

भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश में दो MSME प्रौद्योगिकी केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी है। ये केंद्र ऊना ज़िले के पंडोगा और सोलन ज़िले के परवाणू में स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र लगभग ₹10 करोड़ की लागत से विकसित किया जाएगा। इस पहल से राज्य में औद्योगिक विकास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

क्यों चर्चा में?

MSME मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश में दो नए MSME प्रौद्योगिकी केंद्रों को मंजूरी दी है। पंडोगा और परवाणू को देशभर में प्रौद्योगिकी केंद्रों के विस्तार योजना के तहत चुना गया है।

MSME मंत्रालय की भूमिका

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) भारत में छोटे व्यवसायों, उद्यमिता और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है। यह मंत्रालय नीतिगत समर्थन, वित्तीय सहायता, अवसंरचना विकास और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से MSMEs को सहयोग प्रदान करता है। नए प्रौद्योगिकी केंद्रों की स्वीकृति पहाड़ी और अपेक्षाकृत कम औद्योगिक राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश में क्षेत्रीय औद्योगिक विकास पर मंत्रालय के फोकस को दर्शाती है।

स्थान: पंडोगा और परवाणू

प्रौद्योगिकी केंद्र ऊना ज़िले के पंडोगा और सोलन ज़िले के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में स्थापित किए जाएंगे। परवाणू, चंडीगढ़ के निकट स्थित होने के कारण पहले से ही औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। वहीं पंडोगा को शामिल करने से अपेक्षाकृत नए क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और राज्य के भीतर संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

लागत और राष्ट्रीय विस्तार योजना

प्रत्येक MSME प्रौद्योगिकी केंद्र लगभग ₹10 करोड़ की लागत से स्थापित किया जाएगा। पंडोगा और परवाणू देशभर में स्वीकृत 13 नए टेक्नोलॉजी सेंटर एक्सटेंशन सेंटरों में शामिल हैं। इस राष्ट्रीय विस्तार योजना का उद्देश्य MSMEs के लिए तकनीकी अवसंरचना को मजबूत करना, उत्पादकता बढ़ाना और बाहरी तकनीकी सहायता पर निर्भरता कम करना है।

उद्योग और निवेश के लिए लाभ

ये नए केंद्र स्थानीय उद्योगों को आधुनिक तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। MSMEs को उन्नत विनिर्माण तकनीक, डिजाइन समर्थन और गुणवत्ता सुधार में मदद मिलेगी। बेहतर अवसंरचना और तकनीकी सहयोग से हिमाचल प्रदेश में, विशेषकर विनिर्माण और संबद्ध क्षेत्रों में, नए औद्योगिक निवेश आकर्षित होने की संभावना है।

रोजगार और कौशल विकास के अवसर

इन प्रौद्योगिकी केंद्रों का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं में कौशल विकास को बढ़ावा देना है। केंद्रों में तकनीकी प्रशिक्षण, हैंड्स-ऑन स्किल प्रोग्राम और उद्यमिता सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी, स्वरोजगार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य से होने वाले पलायन को कम करने में मदद मिलेगी।

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

हरियाणा ने 2026-27 के लिए ₹2.23 लाख करोड़ का बजट पेश किया

हरियाणा के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नायब सिंह सैनी ने ₹2,23,658 करोड़ के खर्च के…

5 hours ago

सबा शॉल बनीं सेंट्रल जेल की पहली कश्मीरी महिला प्रमुख

सबा शॉल को जम्मू-कश्मीर की उच्च सुरक्षा वाली सुधारात्मक संस्था सेंट्रल जेल श्रीनगर की पहली…

6 hours ago

‘प्रोजेक्ट हनुमान’ की शुरुआत: बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने की पहल

वन्यजीव संरक्षण और जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आंध्र प्रदेश के…

7 hours ago

RBI ने 2025 में भारत के चालू खाता घाटे में भारी गिरावट की रिपोर्ट दी

भारत के एक्सटर्नल सेक्टर में 2025 में सुधार दिखा है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI)…

8 hours ago

बी.पी. सिंह ने नौसेना मुख्यालय में महानिदेशक नौसैनिक आयुध का कार्यभार संभाला

बी.पी. सिंह ने नई दिल्ली में नेवल हेडक्वार्टर में नेवल आर्मामेंट (DGONA) के नए डायरेक्टर…

10 hours ago

छह बार के सांसद केपी उन्नीकृष्णन का 89 वर्ष की आयु में निधन

कांग्रेस के पुराने नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री केपी उन्नीकृष्णन का 89 साल की उम्र…

11 hours ago