न्यूलीजैंड के इस पहाड़ को मिला इंसान का दर्जा, जानें सबकुछ

30 जनवरी 2025 को, न्यूज़ीलैंड की संसद में एक ऐतिहासिक क्षण घटित हुआ जब देश ने एक ऐसा कानून पारित किया, जिसके तहत माउंट तरानाकी, जिसे तारा नाकी माउंगा भी कहा जाता है, को कानूनी व्यक्तित्व (लिगल पर्सनहुड) दिया गया। यह अभूतपूर्व निर्णय पर्वत को एक जीवित प्राणी के रूप में मान्यता प्रदान करता है, जिसमें मानव के समान अधिकार होते हैं। यह कदम Māori लोगों की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से गहरे जुड़े हुए हैं और इसका उद्देश्य पिछले अन्यायों को ठीक करना और पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा देना है।

माउंट तरानाकी माओरी के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण है?

माउंट तरानाकी माओरी (Māori) जनजातियों के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। सदियों से, इसे केवल एक पर्वत के रूप में नहीं देखा गया, बल्कि यह एक पूर्वज के रूप में सम्मानित किया गया है, जो सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। माओरी लोग इसे एक जीवित प्राणी के रूप में मानते हैं, जो उनके धरोहर और परंपराओं का केंद्रीय हिस्सा है। तरानाकी माउंगा को कानूनी व्यक्तित्व देने का निर्णय इस दीर्घकालिक रिश्ते को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है और यह माओरी की दुनिया और प्रकृति के प्रति समझ को उजागर करता है।

माउंट तरानाकी की कानूनी मान्यता कैसे काम करेगी?

नए कानून के तहत, माउंट तरानाकी को Te Kāhui Tupua के नाम से एक कानूनी संस्था के रूप में स्थापित किया गया है। इसका मतलब यह है कि इस पर्वत के पास मानवों जैसे अधिकार होंगे, जैसे जिम्मेदारियां उठाना, कानूनी प्रतिनिधित्व प्राप्त करना और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करना। एक शासी निकाय, जिसमें स्थानीय Māori iwi (जनजातियों) और कंजरवेशन मंत्री के नियुक्त सदस्य होंगे, पर्वत के प्रबंधन और संरक्षण की देखरेख करेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि माओरी समुदाय निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, और पर्वत की देखभाल में सांस्कृतिक संबंध को एक अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा।

इस निर्णय के पर्यावरणीय और सांस्कृतिक लाभ क्या हैं?

इस कानूनी मान्यता का दूरगामी प्रभाव होगा, खासकर पर्यावरणीय और सांस्कृतिक संरक्षण में। Māori लोगों के लिए, पर्वत के कानूनी अधिकार इसके स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करेंगे, जिससे इसे बेचा या शोषित नहीं किया जा सकेगा। माउंट तरानाकी की कानूनी व्यक्तित्व Māori की पारंपरिक प्रथाओं को पुनर्स्थापित करने में मदद करेगी, जो प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने पर बल देती हैं। यह निर्णय पर्वत के स्वदेशी वन्यजीवों और पारिस्थितिकी प्रणालियों के संरक्षण की नींव भी रखेगा, जो सतत संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देगा।

माउंट तरानाकी की मान्यता वैश्विक आंदोलन में कैसे फिट होती है?

न्यूज़ीलैंड का माउंट तरानाकी को कानूनी व्यक्तित्व देना, प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिकियों को अधिकार देने की एक बढ़ती वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा है। इस देश ने पहले ही 2017 में व्हांगानुई नदी और 2014 में ते उरेवेरा जंगल को इसी तरह की कानूनी मान्यता दी है। यह कदम दुनिया भर में प्रकृति को सम्मान देने और उसकी रक्षा की आवश्यकता के बढ़ते जागरूकता को दर्शाता है, यह मानते हुए कि पारिस्थितिकीय प्रणालियाँ और प्राकृतिक परिदृश्य समुदायों की भलाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, विशेष रूप से स्वदेशी लोगों के लिए।

माउंट तरानाकी और माओरी अधिकारों का भविष्य क्या है?

यह विधेयक, जिसे न्यूज़ीलैंड की संसद में सर्वसम्मति से पारित किया गया, देश के ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यह न्यूज़ीलैंड के माओरी समुदायों के साथ सुलह करने और उनकी भूमि और संसाधनों पर अधिकारों को मान्यता देने की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक भी है। माउंट तरानाकी की मान्यता केवल एक कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक उत्सव भी है, जिसमें इस अवसर को चिह्नित करने के लिए पारंपरिक माओरी गीत प्रस्तुत किए गए। यह सांकेतिक एकता का कृत्य न्यूज़ीलैंड की समावेशिता और अपने स्वदेशी लोगों के प्रति सम्मान की यात्रा को दर्शाता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

Grammy Awards 2026: दलाई लामा ने जीता पहला ग्रैमी अवॉर्ड, जानें क्यों मिला पुरस्कार

लॉस एंजिलिस में आयोजित 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए 90 वर्ष की आयु…

12 mins ago

जनवरी में GST कलेक्शन ₹1.93 लाख करोड़ के पार क्यों पहुंचा?

भारत की कर संग्रहण स्थिति 2026 की शुरुआत में मजबूत बनी हुई है। जनवरी 2026…

1 hour ago

जानें कौन हैं एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया, जिन्होंने संभाली ईस्टर्न एयर कमांड की कमान

एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ( Air Marshal Inderpal Singh Walia ) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…

3 hours ago

16वें वित्त आयोग ने 41% हिस्सेदारी का बंटवारा क्यों बनाए रखा?

केंद्र और राज्यों के बीच धन के बंटवारे ने एक नए चरण में प्रवेश कर…

3 hours ago

16.5% हिस्सेदारी के साथ कौन-सा राज्य बना भारत का नवीकरणीय ऊर्जा पावरहाउस?

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में गुजरात ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 31 दिसंबर…

3 hours ago

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026: प्रकृति के जीवनदायी पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण का संकल्प

World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…

4 hours ago