मॉर्गन स्टेनली ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए भारत के जीडीपी विकास पूर्वानुमान को संशोधित कर 6.8% प्रतिशत कर दिया है। यह कंपनी के पिछले पूर्वानुमान 6.5% से अधिक है। फर्म ने चालू वित्त वर्ष FY24 के लिए विकास दर के पूर्वानुमान को संशोधित कर 7.9 प्रतिशत कर दिया है। एजेंसी का यह संशोधित अनुमान भारत की आर्थिक स्थिति पर एक आशावादी दृष्टिकोण के मद्देनजर सामने आया है। मॉर्गन स्टेनली ने देश की ताकत और स्थिरता पर अपना भरोसा जताया है।
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारत की जीडीपी वृद्धि का दृष्टिकोण मजबूत बना हुआ है। उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही (QE Mar-24) में विकास दर लगभग 7 प्रतिशत रहेगी। एजेंसी के रुझानों के अनुसार हेडलाइन मुद्रास्फीति में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। खाद्य मुद्रास्फीति जिसकी सीपीआई बास्केट में महत्वपूर्ण भागीदारी है में कमी आई है। ऐसा आपूर्ति-पक्ष के झटकों से राहत मिलने के कारण है।
सकारात्मक आर्थिक परिदृश्य के बावजूद मॉर्गन स्टैनली ने वैश्विक कारकों और घरेलू अनिश्चितताओं से उत्पन्न संभावित जोखिमों को भी रेखांकित किया है। उम्मीद से धीमी वैश्विक वृद्धि, जिंसों की ऊंची कीमतें और सख्त वैश्विक वित्तीय हालात भारत की वृद्धि और वृहद आर्थिक स्थिरता के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं। घरेलू स्तर पर आम चुनावों और नीतियों में बदलाव से पड़ने वाले असर पर करीबी निगरानी रखने की आवश्यकता है।
मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष मुद्रास्फीति औसतन 4.5 प्रतिशत रहेगी जो वित्त वर्ष 2023-24 के 5.4 प्रतिशत के मुकाबले कम है। हालांकि मुख्य मुद्रास्फीति 4.1 प्रतिशत तक कम रहने का अनुमान है।
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