अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने कमजोर समूहों के लिए उम्मीद मॉड्यूल लॉन्च किया

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने अल्पसंख्यक समुदायों की विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथ बच्चों को सहयोग प्रदान करने के लिए ‘उम्मीद पोर्टल’ (UMEED Portal) पर एक समर्पित मॉड्यूल लॉन्च किया है। इसके तहत पात्र लाभार्थी वक्फ़-अलाल-औलाद (Waqf-alal-aulad) संपत्तियों से प्राप्त रख-रखाव सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यह पहल यूनिफाइड वक्फ़ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (UMEED) नियम, 2025 का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील वर्गों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

वक्फ़ कल्याण में डिजिटल बदलाव

नया मॉड्यूल वक्फ़ प्रशासन को डिजिटल स्वरूप में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसमें लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग किया जाएगा और आवेदन से लेकर सत्यापन, स्वीकृति व राशि वितरण तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।

मुख्य विशेषताएँ:

  • उम्मीद पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन

  • आधार आधारित प्रमाणीकरण

  • सीधे बैंक खाते में डीबीटी (DBT) द्वारा धनराशि हस्तांतरण

  • राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ़ बोर्ड के माध्यम से क्रियान्वयन

यह डिजिटल मॉड्यूल देरी, मैनुअल हस्तक्षेप और प्रशासनिक अड़चनों को दूर कर वक्फ़ सहायता तंत्र को अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाएगा।

सामाजिक न्याय और समावेशन पर फोकस

विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथ बच्चों पर विशेष ध्यान देकर सरकार समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के अपने संकल्प को मजबूत कर रही है। अक्सर ये वर्ग आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक बहिष्कार का सामना करते हैं। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि वक्फ़ व्यवस्था, जिसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से सामुदायिक कल्याण रहा है, आज के डिजिटल युग में अपने मूल लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करे।

वक्फ़ बोर्ड और मुतवल्लियों की भूमिका

मंत्रालय ने राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ़ बोर्डों और मुतवल्लियों (वक्फ़ संपत्ति के संरक्षक) से अपील की है कि वे —

  • नए मॉड्यूल का व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन करें

  • पात्र लाभार्थियों में जागरूकता फैलाएँ

  • सहायता राशि की त्वरित प्रक्रिया और वितरण सुनिश्चित करें

इनकी सक्रिय भागीदारी से यह सुनिश्चित होगा कि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुँचे और स्थानीय प्रशासनिक जटिलताओं में न उलझे।

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vikash

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