Categories: Schemes

ग्लोबल एंगेजमेंट योजना द्वारा विदेश में भारतीय लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा

भारत में संस्कृति मंत्रालय विभिन्न पहलों के माध्यम से भारतीय लोक कला और संस्कृति को विदेशों में प्रमोट करने के लिए समर्पित है। वैश्विक एंगेजमेंट योजना इस तरह की एक पहल है जो दूसरे देशों में भारत की समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन करने के लिए भारतीय उत्सवों का आयोजन करती है, जिसमें लोक कला, प्रदर्शनियों, नृत्य, संगीत, थिएटर, फिल्म, खाद्य उत्सव और योग कार्यक्रम शामिल होते हैं। इस योजना में उत्तर-पूर्व भारत की विविध संस्कृति को भी दुनिया के सामने पेश किया जाता है। संस्कृति मंत्रालय भारत-विदेश मैत्री सांस्कृतिक समाजों को अनुदान-सहायता प्रदान करता है ताकि वे दुनिया भर में देश की संस्कृति को प्रमोट करने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन कर सकें।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

पूर्वोत्तर भारत के लिए लागू विभिन्न सांस्कृतिक योजनाएं

वैश्विक एंगेजमेंट योजना के अलावा उत्तर पूर्व भारत के लिए कई अन्य पहलुओं से जुड़ा हुआ है। जैसे कि युवा प्रतिभावान कलाकारों को पुरस्कार, गुरु शिष्य परंपरा, थिएटर जीवनदायीकरण, अनुसंधान और दस्तावेजीकरण, शिल्पग्राम, ऑक्टेव और राष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम इसके कुछ उदाहरण हैं। ऑक्टेव उत्तर पूर्व क्षेत्रों के लिए एक विशेष योजना है और मंत्रालय युवा संगम कार्यक्रम भी आयोजित करता है।

युवाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए युवा संगम कार्यक्रम

युवा संगम कार्यक्रम में उत्तर पूर्व राज्यों से 11 उच्च शिक्षा संस्थानों को अन्य राज्यों से 14 संस्थानों से जोड़ा जाता है। इस कार्यक्रम के तहत, कॉलेज / विश्वविद्यालय के छात्रों और 18-30 वर्ष की आयु वाले ऑफ-कैंपस युवाओं के लिए एक्सपोजर विजिट्स का आयोजन किया जाता है। ये यात्राएं पांच विस्तृत क्षेत्रों के तहत युवाओं को एक मल्टी-डायमेंशनल एक्सपोजर प्रदान करती हैं: पर्यटन (Tourism), परंपरा (Traditions), प्रगति (Development), प्रौद्योगिक (Technology) और परस्पर संपर्क (People-to-people connect)।

समाप्ति के रूप में, भारत में संस्कृति मंत्रालय ने उत्तर पूर्व भारत सहित भारतीय लोक कला और संस्कृति को विदेश में प्रचारित करने के लिए कई पहल की है। ग्लोबल एंगेजमेंट स्कीम, संस्कृतिक समाजों को अनुदान-विधि, और अन्य विभिन्न योजनाओं जैसे ओक्टेव और युवा संगम ने देश की विविध संस्कृति को उजागर करने और सांस्कृतिक विनिमय को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ये पहल एक सांस्कृतिक विनिमय के लिए एक मंच प्रदान करने, आपसी समझ को बढ़ाने और भारत और अन्य देशों के बीच लोगों के बीच परस्पर संबंधों को पोषित करने का उद्देश्य रखती हैं।

Find More News Related to Schemes & Committees

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
shweta

Recent Posts

Goldman Sachs की चेतावनी: 2026 में भारत की ग्रोथ धीमी, बढ़ सकते हैं रेट

वैश्विक निवेश बैंक Goldman Sachs ने भारत की GDP वृद्धि दर के अनुमान को 2026…

6 hours ago

Delhi Green Budget 2026: बढ़ते प्रदूषण पर सख्त कदम, जानें क्या है खास

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 24 मार्च 2026 को वर्ष 2026-27 का बजट पेश…

6 hours ago

विश्व टीबी दिवस 2026: तिथि, विषय, इतिहास, महत्व और चुनौतियाँ

विश्व टीबी दिवस (World TB Day) हर वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। वर्ष…

8 hours ago

अंतरराष्ट्रीय सत्य का अधिकार दिवस 2026: न्याय, स्मृति और मानव गरिमा का महत्व

अंतरराष्ट्रीय सत्य के अधिकार दिवस (International Day for the Right to Truth) हर वर्ष 24…

9 hours ago

ईरान स्ट्राइक पर डोनाल्ड ट्रम्प का ब्रेक: क्या है इसके पीछे की रणनीति?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 23 मार्च 2026 को घोषणा की कि संयुक्त राज्य…

11 hours ago

वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2026: किन देशों पर बढ़ा खतरा, क्या कहते हैं आंकड़े?

वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2026 (Global Terrorism Index 2026) जारी किया गया है, जो यह दर्शाता…

11 hours ago