भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘VM फ्रेम्स’ राष्ट्रीय फिल्म निर्माण प्रतियोगिता शुरू की है। इस पहल के तहत नागरिकों, और विशेष रूप से युवा रचनाकारों को, दृश्य कहानी-कथन (विज़ुअल स्टोरीटेलिंग) के माध्यम से राष्ट्र की भावना को व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह प्रतियोगिता साल भर चलने वाले राष्ट्रव्यापी समारोह का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना है।
वंदे मातरम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया है, और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में इसकी एक सशक्त भूमिका रही है। यह मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक था और इसने अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया।
आज भी यह गीत निम्नलिखित का प्रतिनिधित्व करता है:
इस 150-वर्षीय मील के पत्थर को राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों की भागीदारी के साथ वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है।
‘VM Frames’ महज़ एक प्रतियोगिता से कहीं बढ़कर है; यह कहानी कहने का एक ऐसा मंच है जो भारत के अतीत को उसके वर्तमान और भविष्य से जोड़ता है। साथ ही, इसमें भाग लेने वालों को आधुनिक माध्यमों का उपयोग करके ‘वंदे मातरम’ के मूल्यों की रचनात्मक व्याख्या करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
प्रतियोगिता की श्रेणियाँ
यह प्रतियोगिता तीन आकर्षक प्रारूपों में खुली है:
प्रत्येक श्रेणी रचनाकारों को देशभक्ति, एकता, सांस्कृतिक पहचान और ‘नए भारत’ के दृष्टिकोण जैसे विषयों को तलाशने का अवसर प्रदान करेगी।
यह प्रतियोगिता आकर्षक पुरस्कार प्रदान करती है, जो इसे भारत की सबसे महत्वपूर्ण रचनात्मक प्रतियोगिताओं में से एक बनाती है।
रील्स श्रेणी
AI फ़िल्में श्रेणी
लघु फ़िल्में श्रेणी
इस सुव्यवस्थित पुरस्कार प्रणाली का उद्देश्य शुरुआती स्तर से लेकर पेशेवर फिल्म निर्माताओं तक—सभी कौशल स्तरों पर भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
इच्छुक प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियाँ निर्धारित समय सीमा से पहले वेबसाइट पर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
यह प्रतियोगिता रचनात्मकता, मौलिकता और ‘वंदे मातरम’ की थीम के साथ भावनात्मक जुड़ाव पर ज़ोर देती है।
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