मॉरीशस ने ISA की कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर करने वाला पहला अफ्रीकी देश बना

मॉरीशस ने इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है, क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय सोलर अलायंस (ISA) के साथ कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क (CPF) पर हस्ताक्षर करने वाला पहला अफ्रीकी देश और विश्व स्तर पर चौथा देश बन गया है। इस रणनीतिक समझौते का उद्देश्य ISA और मॉरीशस के बीच स्वच्छ ऊर्जा पहलों पर, विशेष रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है, जो राष्ट्र के सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों के अनुरूप है। CPF दीर्घकालिक सौर ऊर्जा सहयोग के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करेगा, जिसमें नवोन्मेषी और पैमाने योग्य तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

ISA और मॉरीशस कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क

  • अफ्रीका में पहला: मॉरीशस, ISA के कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर करने वाला पहला अफ्रीकी देश है।

  • वैश्विक स्तर पर चौथा: यह समझौता बांग्लादेश, भूटान और क्यूबा के पश्चात चौथा देश बनकर हुआ है।

CPF क्या है?

  • रणनीतिक दस्तावेज: अंतर्राष्ट्रीय सोलर अलायंस (ISA) द्वारा विकसित एक रणनीतिक दस्तावेज।

  • दीर्घकालिक सहयोग: ISA और सदस्य देशों के बीच मध्यम और दीर्घकालिक सहयोग को सुगम बनाता है।

  • सौर ऊर्जा लक्ष्य: देशों को उनके सौर ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति में समर्थन देने का उद्देश्य रखता है।

स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के लक्ष्य

  • उर्जा परिवर्तन: यह समझौता मॉरीशस को स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण में तेजी लाने में सहायक होगा।

  • सौर ऊर्जा समाधान: विशेष रूप से सौर ऊर्जा समाधान के कार्यान्वयन पर जोर देगा।

कंट्री पार्टनरशिप स्ट्रेटेजी

  • विशेष रोडमैप: मॉरीशस के लिए एक अनुकूलित कार्य योजना विकसित की जाएगी।

  • राष्ट्रीय प्राथमिकताएँ: सौर ऊर्जा क्षेत्र में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और अवसरों के अनुरूप रणनीति तैयार की जाएगी।

प्रमुख सौर प्रौद्योगिकियाँ जिन्हें बढ़ावा दिया जाएगा

  • फ़्लोटिंग सोलर पावर प्लांट्स

  • रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन्स

  • सोलर-चालित जल पम्पिंग सिस्टम्स

ISA के DG, आशीष खन्ना का वक्तव्य

  • CPF को तेज़ी से स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का उपकरण: उन्होंने CPF को स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक उपकरण के रूप में रेखांकित किया।

  • अनुकूलित रणनीतियों का महत्त्व: प्रत्येक देश की आवश्यकताओं के आधार पर विशेष रणनीतियों की अहमियत पर बल दिया गया।

ISA के बारे में

  • संविदान-आधारित अंतरसरकारी संगठन: यह एक संधि-आधारित संगठन है।

  • शुरुआत: भारत और फ्रांस द्वारा 2015 में COP21 (पैरिस) के दौरान लॉन्च किया गया।

  • मिशन: वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय देशों में, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना।

  • लक्ष्य: 2030 तक सौर निवेश के लिए USD 1 ट्रिलियन जुटाना।

विवरण जानकारी
क्यों खबर में? मॉरीशस पहला अफ्रीकी देश बना जिसने ISA के कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए
समझौता किसके साथ हुआ? अंतर्राष्ट्रीय सोलर अलायंस (ISA)
अफ्रीकी रैंक पहला अफ्रीकी देश
CPF के साथ अन्य देश बांग्लादेश, भूटान, क्यूबा
प्रमुख फोकस क्षेत्र फ्लोटिंग सोलर, रूफटॉप सोलर, सोलर वाटर पंपिंग
अगला कदम कंट्री पार्टनरशिप स्ट्रेटेजी (CPS) विकसित करना
ISA का लॉन्च वर्ष 2015
ISA के संस्थापक सदस्य भारत और फ्रांस

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

ऑस्कर 2026 नामांकन: सर्वश्रेष्ठ फिल्म, अभिनेता और अभिनेत्री की पूरी सूची जारी

98th Academy Awards के लिए नामांकन की घोषणा कर दी गई है, जिसमें फिल्म निर्माण…

2 days ago

सूर्या मिधा ने तोड़ा मार्क ज़करबर्ग का रिकॉर्ड, बने सबसे युवा सेल्फ मेड बिलियनेयर

फोर्ब्स की वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स लिस्ट में शामिल होने वाले भारतीय मूल के 22वर्षीय सूर्या मिधा…

2 days ago

चिराग पासवान ने असम में PMFME इनक्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ किया

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने 13 मार्च 2026 को सोनितपुर जिले के…

2 days ago

इसरो की बड़ी सफलता: CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रॉकेट प्रौद्योगिकी में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते…

2 days ago

उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण से जापान में अलर्ट, संकट प्रबंधन टीम सक्रिय

उत्तर कोरिया ने 14 मार्च 2026 को पूर्वी सागर की ओर करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें…

2 days ago

डिजिटल मैपिंग को बढ़ावा: सुजल गांव आईडी का शुभारंभ

जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत भारत के हर ग्रामीण…

2 days ago