मैरी कॉम, अवनि लेखरा और सुहास यतिराज ने परीक्षा पे चर्चा 2025 के सातवें एपिसोड में हिस्सा लिया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई “परीक्षा पे चर्चा” एक महत्वपूर्ण संवाद पहल है, जो छात्रों को न केवल परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करती है।

सातवां संस्करण: खेल जगत की महान हस्तियों से सीख
परीक्षा पे चर्चा 2025 के सातवें संस्करण में प्रतिष्ठित खेल हस्तियों एम.सी. मैरी कॉम, अवनी लेखरा और सुहास यथिराज ने भाग लिया। उन्होंने लक्ष्य निर्धारण, आत्मसंयम, तनाव प्रबंधन और खेल से मिले जीवन के अनमोल सबक साझा किए।

मुख्य आकर्षण:

1. एम.सी. मैरी कॉम

  • समाज की रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए मुक्केबाजी में अपनी पहचान बनाई।
  • प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादायक शब्दों का उल्लेख किया— “स्वयं का मार्गदर्शक बनें”, जो उनके संघर्षमय जीवन से मेल खाता है।
  • मेहनत, धैर्य और समर्पण को सफलता की कुंजी बताया।

2. सुहास यथिराज

  • छात्रों को नकारात्मक भावनाओं, विशेष रूप से डर पर विजय पाने की सलाह दी।
  • प्रेरणादायक कथन साझा किया— “सूरज की तरह चमकने के लिए, पहले सूरज की तरह जलना पड़ता है।”
  • संगीत चिकित्सा (Music Therapy) और सकारात्मक सोच के महत्व पर जोर दिया।

3. अवनी लेखरा

  • कौशल विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जो आत्मविश्वास बढ़ाने और भय को कम करने में सहायक होता है।
  • परीक्षा से पहले पर्याप्त आराम और नींद लेने की सलाह दी, जिससे मानसिक दक्षता बढ़ती है।
  • छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए एक सक्रिय अभ्यास करवाया।

इंटरएक्टिव छात्र सहभागिता

  • छात्रों ने कैरियर विकल्पों पर माता-पिता को समझाने, डर पर काबू पाने और ध्यान केंद्रित करने से जुड़े सवाल पूछे।
  • दुबई और कतर से अंतर्राष्ट्रीय छात्रों ने भी चर्चा में भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।

प्रमुख सीख:

मेहनत और समर्पण के बिना सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती।
डर और नकारात्मकता से पार पाकर आगे बढ़ना जरूरी है।
आत्मविश्वास और कौशल विकास जीवन और परीक्षाओं में सफलता के लिए आवश्यक हैं।

अगले एपिसोड में विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित हस्तियों द्वारा छात्रों को और भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाएंगे, जिससे वे अपने अकादमिक और व्यक्तिगत जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें।

क्यों चर्चा में? परीक्षा पे चर्चा 2025 में मैरी कॉम, अवनी लेखरा और सुहास यथिराज की भागीदारी
एम.सी. मैरी कॉम की सलाह बॉक्सिंग में सामाजिक मान्यताओं को तोड़ने पर जोर दिया, मेहनत, धैर्य और समर्पण को सफलता की कुंजी बताया।
सुहास यथिराज का फोकस डर और नकारात्मकता पर विजय पाने, मानसिक शक्ति, ध्यानपूर्ण सोच और संगीत चिकित्सा के महत्व को बताया।
अवनी लेखरा की सीख कौशल विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और परीक्षा से पहले पर्याप्त आराम की आवश्यकता पर बल दिया।
छात्र सहभागिता भारत और विदेश (दुबई व कतर) के छात्रों ने करियर विकल्प और चुनौतियों से निपटने पर चर्चा की।
मुख्य संदेश मेहनत, आत्मसंयम और आत्मविश्वास सफलता के लिए आवश्यक हैं; सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता।
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vikash

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