मारुति सुजुकी ने मानेसर में भारत की सबसे बड़ी इन-प्लांट रेलवे साइडिंग खोली

हरित परिवहन और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) ने हरियाणा के मानेसर प्लांट में देश की सबसे बड़ी इन-प्लांट ऑटोमोबाइल रेलवे साइडिंग का उद्घाटन किया है। ₹452 करोड़ की लागत से विकसित यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप है और रेल आधारित वाहन डिस्पैच को बढ़ाकर ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगी।

समाचार में क्यों?

17 जून 2025 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मानेसर इन-प्लांट रेलवे साइडिंग का उद्घाटन किया। यह भारत की सबसे बड़ी इन-प्लांट साइडिंग है और मारुति सुज़ुकी की हरित लॉजिस्टिक्स रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य FY2030–31 तक 35% वाहन रेल के जरिए भेजना है। यह मारुति का दूसरा इन-प्लांट रेलवे साइडिंग प्रोजेक्ट है, पहला गुजरात में है।

परियोजना का विवरण

  • स्थान: मारुति सुज़ुकी मानेसर प्लांट, हरियाणा

  • निवेश: ₹452 करोड़

    • ₹325 करोड़ – कॉरिडोर (JV के तहत)

    • ₹127 करोड़ – यार्ड निर्माण

  • कार्यकारी एजेंसी: हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (HORCL)

  • साइडिंग क्षेत्रफल: 46 एकड़

  • रेल ट्रैक लंबाई: 8.2 किमी

    • 4 फुल-लेंथ रेक ट्रैक + 1 इंजन एस्केप ट्रैक

  • क्षमता: प्रति वर्ष 4.5 लाख वाहनों का डिस्पैच

सतत विकास और पर्यावरणीय प्रभाव

  • सालाना 1.75 लाख टन CO₂e उत्सर्जन में कमी

  • 6 करोड़ लीटर ईंधन की बचत

  • भारत के 2070 नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य के अनुरूप

  • PM गति शक्ति योजना को समर्थन

संचालन की मुख्य विशेषताएं

  • मानेसर और गुरुग्राम संयंत्रों से वाहनों को 380 भारतीय शहरों के 17 लॉजिस्टिक्स हब तक पहुंचाया जाएगा

  • मुंद्रा और पीपावाव बंदरगाहों तक निर्यात के लिए भी रेल सुविधा

  • उद्घाटन के अवसर पर पहली ऑटोमोबाइल ट्रेन रवाना की गई

पृष्ठभूमि और उपलब्धियां

  • FY2014–15 से अब तक 25 लाख वाहन रेलवे के ज़रिए भेजे जा चुके हैं

  • मार्च 2024 में गुजरात प्लांट पर देश की पहली इन-प्लांट रेलवे साइडिंग शुरू की गई थी

  • इस विकास की रीढ़ है हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC), जो सोनीपत से पलवल तक 126 किमी फैला है

रणनीतिक लक्ष्य और भविष्य की योजनाएं

  • लक्ष्य: FY2030–31 तक 35% वाहन रेलवे द्वारा भेजना

  • उद्देश्य:

    • हरित लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देना

    • सड़क यातायात में भीड़ कम करना

    • लागत प्रभावी और जलवायु-संवेदनशील परिवहन

  • यह पहल मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के भारत के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है

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vikash

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