जानें क्यों मनाया जाता है 30 जनवरी को शहीद दिवस

शहीद दिवस, जो हर वर्ष 30 जनवरी को मनाया जाता है, भारत में गहरा ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व रखता है। यह दिन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने देश की अहिंसक स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया। यह दिवस केवल गांधी जी के बलिदान को ही नहीं, बल्कि उन असंख्य वीर शहीदों को भी समर्पित है, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। वर्ष 2025 में, उनकी शहादत के 77 वर्ष पूरे होंगे, जो देश के प्रति कृतज्ञता और स्वतंत्रता व देशभक्ति के मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 2025 – तिथि

शहीद दिवस, जिसे “शहीद दिवस” के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 30 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन 1948 में महात्मा गांधी की दुखद हत्या की याद में मनाया जाता है, जब वे दिल्ली के बिरला भवन में एक प्रार्थना सभा के लिए जा रहे थे।

शहीद दिवस का इतिहास

30 जनवरी 1948 को, महात्मा गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे ने कर दी थी। यह घटना भारतीय इतिहास में एक गहरा आघात थी और पूरे राष्ट्र को झकझोर कर रख दिया। तब से, इस दिन को गांधी जी के बलिदान और भारत की स्वतंत्रता के लिए प्राण देने वाले अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है।

शहीद दिवस 2025 का महत्व

शहीद दिवस, बलिदान और सम्मान का दिन है। यह केवल महात्मा गांधी की याद में ही नहीं, बल्कि उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों के लिए भी है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी। यह दिवस हमें उनकी कुर्बानियों की याद दिलाता है और स्वतंत्रता व देशभक्ति के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है।

भारत में शहीद दिवस का आयोजन

शहीद दिवस के अवसर पर, सरकार द्वारा दिल्ली स्थित राजघाट पर प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं, जहां महात्मा गांधी का अंतिम संस्कार किया गया था। देश के नेता, सरकारी अधिकारी और नागरिक वहां एकत्र होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इस अवसर पर विभिन्न भाषण और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो उनके बलिदानों की महत्ता को दर्शाते हैं।

इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में भी इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं और अन्य गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को भारत के इतिहास की जानकारी दी जाती है और उनमें देशभक्ति की भावना जगाई जाती है। यह दिन युवाओं को स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदानों को समझने और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को महसूस करने का अवसर प्रदान करता है।

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

24 hours ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

1 day ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

1 day ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

1 day ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

1 day ago