महाराष्ट्र के राज्यपाल ने ‘गेटवे टू द सी: हिस्टोरिक पोर्ट्स एंड डॉक्स ऑफ मुंबई रीजन’ नामक पुस्तक का अनावरण किया

22 जून, 2024 को राजभवन मुंबई में एक महत्त्वपूर्ण साहित्यिक कार्यक्रम हुआ, जिसमें मुंबई क्षेत्र की समृद्ध समुद्री विरासत पर प्रकाश डाला गया। महाराष्ट्र के राज्यपाल, श्री रमेश बैस ने क्षेत्र के प्राचीन और आधुनिक समुद्री इतिहास पर प्रकाश डालते हुए ‘गेटवे टू द सी: हिस्टोरिक पोर्ट्स एंड डॉक्स ऑफ मुंबई रीजन’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।

पुस्तक लॉन्च एवं सम्मान समारोह

पुस्तक लॉन्च कार्यक्रम को कई उल्लेखनीय क्षणों द्वारा चिह्नित किया गया था:

  • विमोचन: राज्यपाल रमेश बैस ने आधिकारिक तौर पर पुस्तक का अनावरण किया।
  • सम्मान: राज्यपाल ने मैरीटाइम मुंबई म्यूजियम सोसाइटी (एमएमएमएस), 17 लेखकों और पुस्तक में योगदान देने वाले दो संपादकों को सम्मानित किया।
  • प्रस्तुति: राजभवन के दरबार हॉल में पुस्तक की विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
  • सहयोग: यह कार्यक्रम एशियाटिक सोसाइटी के साथ साझेदारी में प्रकाशन विभाग द्वारा आयोजित किया गया था।

किताब के बारे में

‘गेटवे टू द सी’ एक व्यापक कार्य है जो मुंबई क्षेत्र के समुद्री इतिहास की पड़ताल करता है:

  • प्रकाशक: प्रकाशन विभाग, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार
  • संकलक: मारिटाइम मुंबई म्यूजियम सोसायटी (MMMS)
  • सामग्री: प्रसिद्ध लेखकों के 18 लेख
  • फोकस: मुंबई क्षेत्र के ऐतिहासिक बंदरगाह और डॉक्स

ऐतिहासिक कवरेज

पुस्तक प्राचीन और आधुनिक दोनों बंदरगाहों और डॉक्स पर गहराई से नज़र डालती है:

प्राचीन बंदरगाह:

  • सोपारा
  • वसई
  • वर्सोवा
  • माहिम
  • कल्याण
  • ठाणे
  • पनवेल
  • अलीबाग
  • चुल
  • मंडद
  • जंजीरा

आधुनिक बंदरगाह और डॉक:

  • मझगांव डॉक
  • मुंबई पोर्ट
  • बॉम्बे डॉक
  • ससून डॉक
  • फेरी घाट (भाउचा ढाका)

योगदानकर्ता और विशेषज्ञता

पुस्तक विभिन्न विशेषज्ञों के ज्ञान और शोध को एक साथ लाती है:

  • इतिहासकारों
  • शोधकर्ताओं
  • समुद्री विशेषज्ञ
  • संरक्षण आर्किटेक्ट
  • लेखकों

प्रकाशन का महत्व

यह पुस्तक कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करती है:

  1. जागरूकता: यह मुंबई क्षेत्र में प्राचीन बंदरगाहों के बारे में जागरूकता पैदा करता है।
  2. दस्तावेज़ीकरण: पुस्तक आधुनिक बंदरगाहों और डॉक के विकास का दस्तावेज है।
  3. शैक्षिक संसाधन: यह इतिहास के प्रति उत्साही और शोधकर्ताओं के लिए बहुमूल्य जानकारी प्रदान करता है।
  4. सांस्कृतिक विरासत: प्रकाशन मुंबई की समृद्ध समुद्री विरासत पर प्रकाश डालता है।

उल्लेखनीय उपस्थित लोग

इस पुस्तक के विमोचन समारोह में कई प्रतिष्ठित मेहमान मौजूद थे, जिनमें कैप्टन के डी बहल (मारिटाइम मुंबई म्यूजियम सोसायटी के अध्यक्ष), वाइस एडमिरल (संघर्षरत सेवा अवर्ती) इंद्रशील राव, डॉ। शेफाली शाह (संपादक), अनीता येवाले (उपाध्यक्ष), संगीता गोडबोले (प्रकाशन विभाग के उप निदेशक), सहयोगी लेखक शामिल थे।

राज्यपाल का अभिभाषण

अपने संबोधन में, राज्यपाल रमेश बैस ने समुद्री इतिहास के महत्व पर जोर दिया:

  • उन्होंने मुंबई के नागरिकों को अपनी प्राचीन समुद्री विरासत के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित किया।
  • राज्यपाल ने ऐतिहासिक ज्ञान के संरक्षण और प्रचार में पुस्तक की भूमिका पर प्रकाश डाला।

प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं

‘गेटवे टू द सी’ की रिलीज का स्थायी प्रभाव पड़ने की उम्मीद है:

  1. ऐतिहासिक शोध: यह मुंबई के समुद्री अतीत में और अधिक शोध को जन्म दे सकता है।
  2. पर्यटन: पुस्तक मुंबई के आसपास के ऐतिहासिक समुद्री स्थलों में रुचि बढ़ा सकती है।
  3. शैक्षिक मूल्य: स्कूल और विश्वविद्यालय पुस्तक को अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर सकते हैं।
  4. सांस्कृतिक गौरव: यह मुंबईवासियों में अपने शहर के समृद्ध इतिहास के बारे में गर्व की भावना पैदा कर सकता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
shweta

Recent Posts

RBI में बड़ा बदलाव: रोहित जैन बने नए डिप्टी गवर्नर, जानें कौन हैं, करियर और बैकग्राउंड

भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए Reserve Bank of India के नए…

11 hours ago

भारत में ‘झंडों का शहर’ कौन सा है? 99% लोग नहीं जानते सही जवाब – जानें पूरा सच

क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा शहर भी है, जिसे ‘झंडों का…

12 hours ago

भारत में सबसे ज्यादा हाथी कहां हैं? जानें टॉप Elephant Reserves और चौंकाने वाले आंकड़े

भारत में वन्यजीवों की समृद्ध विरासत के बीच एशियाई हाथी एक महत्वपूर्ण प्रजाति है। ऐसे…

14 hours ago

CGDA नई नियुक्ति 2026: अनुराग्रह नारायण दास बने रक्षा लेखा महानियंत्रक, जानें पूरा प्रोफाइल

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया गया है। अनुग्रह…

15 hours ago

IFFI 2026: Goa में होने वाले 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आशुतोष गोवारिकर होंगे फेस्टिवल डायरेक्टर

भारतीय सिनेमा और इंटरनेशनल फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सूचना एवं…

16 hours ago

भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को मिला 2026 Whitley Award, रचा इतिहास

भारत के लिए गर्व की बात है कि भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को 2026 का…

1 day ago