महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने ग्रामीण विकास और युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए हैं। मंत्रिमंडल ने यवतमाल जिले में ₹4,775 करोड़ की लागत वाली बेम्बला नदी सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी है, जिससे बड़े क्षेत्र में सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और कृषि उत्पादकता व किसानों की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने कुशल युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु एक नई राज्य एजेंसी MAHIMA के गठन को भी स्वीकृति दी है, जो कौशल मानचित्रण, समन्वय और क्रियान्वयन के माध्यम से महाराष्ट्र के युवाओं को वैश्विक श्रम बाजार से जोड़ने में मदद करेगी।
महाराष्ट्र कैबिनेट ने बेम्बला नदी पर ₹4,775 करोड़ की एक बड़ी सिंचाई परियोजना को मंज़ूरी दी। इसने महिमा (MAHIMA) नाम की एक नई विदेशी रोज़गार सुविधा एजेंसी की स्थापना को भी मंज़ूरी दी।
मुख्य विशेषताएँ
स्वीकृत बेम्बला नदी सिंचाई परियोजना को महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में लागू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कृषि अवसंरचना को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी। इस परियोजना के तहत पाँच तालुकाओं में 52,423 हेक्टेयर भूमि को सुनिश्चित सिंचाई के दायरे में लाया जाएगा, जिससे वर्षा पर निर्भरता कम होगी। ₹4,775 करोड़ की कुल लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य फसल उत्पादकता बढ़ाना, किसानों की आय में सुधार करना और सूखा-प्रवण क्षेत्रों में कृषि संकट को कम करना है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था से फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा और पूर्वी महाराष्ट्र में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
कृषि और क्षेत्रीय महत्व
महाराष्ट्र के कई हिस्सों, विशेषकर विदर्भ क्षेत्र में सिंचाई एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। बेम्बला नदी परियोजना के माध्यम से वर्ष भर भरोसेमंद जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे कृषि उत्पादन को स्थिरता मिलेगी। बेहतर सिंचाई से किसान कम मूल्य वाली वर्षा आधारित फसलों से हटकर अधिक मूल्य वाली फसलों की ओर बढ़ सकेंगे, जिससे ग्रामीण आय में वृद्धि होगी। निर्माण कार्य और उससे जुड़ी गतिविधियों के दौरान रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। दीर्घकाल में यह परियोजना यवतमाल और आसपास के क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगी और सतत कृषि विकास को समर्थन देगी।
MAHIMA: विदेश रोजगार के लिए नई एजेंसी
सिंचाई सुधारों के साथ ही मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र एजेंसी फॉर होलिस्टिक इंटरनेशनल मोबिलिटी एंड एडवांसमेंट्स (MAHIMA) के गठन को भी मंजूरी दी है। यह एजेंसी राज्य के प्रशिक्षित और कुशल युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगी। MAHIMA समन्वय, कौशल मानचित्रण और क्रियान्वयन तंत्र के माध्यम से महाराष्ट्र के श्रमिकों को वैश्विक श्रम बाजार से जोड़ेगी। इस पहल से बेरोजगारी घटाने, रेमिटेंस बढ़ाने और राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]हरियाणा के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नायब सिंह सैनी ने ₹2,23,658 करोड़ के खर्च के…
सबा शॉल को जम्मू-कश्मीर की उच्च सुरक्षा वाली सुधारात्मक संस्था सेंट्रल जेल श्रीनगर की पहली…
वन्यजीव संरक्षण और जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आंध्र प्रदेश के…
भारत के एक्सटर्नल सेक्टर में 2025 में सुधार दिखा है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI)…
बी.पी. सिंह ने नई दिल्ली में नेवल हेडक्वार्टर में नेवल आर्मामेंट (DGONA) के नए डायरेक्टर…
कांग्रेस के पुराने नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री केपी उन्नीकृष्णन का 89 साल की उम्र…