
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा कि मध्य प्रदेश ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य’ की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है। रेहड़ी-पटरी वालों को कारोबार के लिए ऋण उपलब्ध कराने वाली योजना नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा 2020 में कोविड-19 प्रकोप के दौरान शुरू की गई थी। इस योजना के तहत 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है।
असम दूसरा स्थान
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों- नवाचार और सर्वोत्तम तौर-तरीके पुरस्कार’ श्रेणी में मध्य प्रदेश के बाद असम को दूसरा स्थान मिला।
इस श्रेणी में दिल्ली पहले स्थान पर
‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरी स्थानीय निकायों – दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ऋण प्रदर्शन’ श्रेणी में, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जिसके बाद बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) और अहमदाबाद नगर निगम का स्थान है।केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम) के लिए भी पुरस्कारों की घोषणा की गई, जिसमें ‘सिस्टेमेटिक प्रोग्रेसिव एनालिटिकल रियल टाइम रैंकिंग (एसपीएआरके)’ श्रेणी में केरल शीर्ष पर रहा, जबकि उसके बाद उत्तर प्रदेश और राजस्थान का स्थान रहा।
पीएम स्वनिधि योजना में कितना राशि मिलती है?
01 जून 2020 को शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना शहरों में रेहड़ी-पटरी वालों को 80 हजार रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराती है। अभी तक इस योजना के तहत 86 लाख कर्ज दिए जा चुके हैं, जिनके तहत कुल 11,680 करोड़ रुपये का कर्ज दिया जा चुका है।


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