LTIMindtree को आयकर विभाग से मिला ₹811 करोड़ का PAN 2.0 प्रोजेक्ट

भारत की डिजिटल गवर्नेंस को एक बड़ी मजबूती देते हुए, आयकर विभाग ने LTIMindtree Ltd (लार्सन एंड टुब्रो की सहायक कंपनी) को PAN 2.0 परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए चुना है। यह परियोजना नवंबर 2024 में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) द्वारा मंजूरी दी गई थी। ₹811.5 करोड़ मूल्य की इस परियोजना का उद्देश्य पैन (PAN) और टैन (TAN) सेवाओं को आधुनिक बनाना और अधिक कुशल व पारदर्शी बनाना है। यह परियोजना अगले 18 महीनों के भीतर लागू होने की उम्मीद है।

परियोजना मूल्य और चयन प्रक्रिया

  • प्रस्तावित बोली मूल्य: ₹811.5 करोड़ (करों को छोड़कर)

  • समायोजित बोली मूल्य: ₹792.55 करोड़

  • बोली प्रक्रिया: चार कंपनियों ने भाग लिया था, जिनमें से LTIMindtree ने RFP मूल्यांकन के माध्यम से सफल बोलीदाता के रूप में चयन प्राप्त किया।

क्या है PAN 2.0?

PAN 2.0 परियोजना भारत की स्थायी खाता संख्या (PAN) प्रणाली को एक तकनीकी रूप से उन्नत और आधुनिक ढांचे में परिवर्तित करने की एक डिजिटल पहल है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • सभी PAN और TAN सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म

  • आवेदन और शिकायतों का तेज़ प्रोसेसिंग

  • AI और उन्नत डिजिटल समाधानों के माध्यम से सुरक्षा को बेहतर बनाना

  • आधार से एकीकृत प्रणाली, जिससे त्वरित अपडेट और प्रमाणन संभव हो सके

PAN और TAN का महत्व

PAN (स्थायी खाता संख्या)

  • 10-अंकीय अल्फ़ान्यूमेरिक पहचान संख्या

  • आवश्यक उपयोग:

    • आयकर दाखिल करने

    • बैंक खाता खोलने

    • बड़ी नकद जमा,

    • संपत्ति खरीद

    • शेयर बाजार में निवेश

  • यह संख्या करदाता के सभी वित्तीय लेनदेन को ट्रैक करने में मदद करती है।

TAN (टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन अकाउंट नंबर)

  • उन संस्थाओं के लिए अनिवार्य जो स्रोत पर टैक्स काटती या जमा करती हैं (TDS/TCS)

  • टैक्स संग्रह और कटौती की निगरानी सुनिश्चित करता है।

वर्तमान आंकड़े

  • 780 मिलियन (78 करोड़) से अधिक PAN कार्ड

  • 73 लाख से अधिक TAN पंजीकरण

PAN 2.0 से अपेक्षित लाभ

  • PAN कार्ड का तेज़ आवंटन और पुनः जारी करने की प्रक्रिया

  • सुधारों और अपडेट्स में अधिक सटीकता

  • आधार-पैन लिंकिंग की रीयल-टाइम सुविधा

  • वित्तीय संस्थाओं के लिए ऑनलाइन PAN प्रमाणीकरण

  • सुरक्षित और तकनीक-संचालित प्रक्रियाओं से बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव

  • सरकार के लिए लागत में कमी और सुरक्षा में सुधार

निष्कर्ष:

PAN 2.0 परियोजना भारत की कर व्यवस्थाओं को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जिससे न केवल उपयोगकर्ताओं को सुविधा होगी बल्कि सरकार की निगरानी और सेवा दक्षता भी कई गुना बढ़ेगी।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

AI की नई छलांग: Microsoft का MAI-Transcribe-1 तेज, सटीक और किफायती

AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…

9 hours ago

आउटर स्पेस ट्रीटी 1967 क्या है? सिद्धांत, सदस्य और महत्व

बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…

10 hours ago

भारतीय नौसेना INS अरिदमन: विशेषताएँ, भूमिका और रणनीतिक महत्व की व्याख्या

भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…

10 hours ago

Raja Ravi Varma की पेंटिंग ने रचा इतिहास, बनी भारत की सबसे महंगी कलाकृति

भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…

10 hours ago

भारत डोपिंग मामलों में सबसे ऊपर, एआईयू की सूची में केन्या को पीछे छोड़ा

एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…

12 hours ago

पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का समापन: कर्नाटक विजयी रहा

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…

12 hours ago