भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा असम राइफल्स के नए महानिदेशक बने हैं। उन्होंने असम राइफल्स के शिलांग स्थित मुख्यालय में पदभार संभाला। इससे पहले असम राइफल्स की सैन्य टुकड़ी ने उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया।
पूर्व ले. जनरल टीपीएस रावत के बाद वह दूसरे उत्तराखंडी हैं जिन्हें असम राइफल्स की कमान मिली है। 55 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा मूलरूप से टिहरी गढ़वाल के खास पट्टी के जखंड गांव के निवासी हैं। वर्तमान में उनका परिवार देहरादून के वसंत विहार में रहता है। बतौर जेंटलमैन कैडेट भारतीय सैन्य अकादमी ज्वाइन करने से पहले उन्होंने डीएवी पीजी कालेज से स्नातक किया था।
सैन्य अकादमी से प्री-मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी कर वह 09 जून 1990 को पास आउट होकर फोर सिक्ख लाई रेजीमेंट में कमीशन हुए थे। वह डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कालेज वेलिंगटन से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। साथ ही उच्च रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम के पूर्व छात्र भी वह रहे हैं। उन्होंने दि रायल कालेज आफ डिफेंस स्टडीज लंदन से एनडीसी का कोर्स किया था।
उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला में डिविजनल आफिसर और सामरिक प्रशिक्षण अधिकारी, जीओसी-इन-सी के सैन्य सलाहकार, मुख्यालय पूर्वी कमांड, स्टाफ आफिसर और सेना प्रमुख के उप सैन्य सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। आतंक प्रभावित जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर में असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर आदि जगह सैन्य सेवा करने का अनुभव उनके पास है।
असम राइफल्स की कमान संभालने से पहले वह अभी तक रक्षा मंत्रालय में एडीजी एमओ व एडीजीएमओ पद पर तैनात थे। विशिष्ट सैन्य सेवा के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल, चीफ आफ आर्मी स्टाफ कमोडेशन कार्ड व जीओसी इन सी कमोडेशन कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
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