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केन्‍या के Sebastian Sawe ने 2 घंटे के अंदर पूरी की मैरानथन, बनाया वर्ल्‍ड रिकॉर्ड

केन्‍या के सेबास्टियन सावे (Sebastian Sawe) ने लंदन मैराथन में इतिहास रच दिया। सावे दुनिया के पहले धावक बने, जिन्‍होंने आधिकारिक रेस परिस्थितियों में दो घंटे की बाधा को तोड़ दिया। उन्‍होंने 1:59:30 के समय में मैराथन की दौड़ पूरी करते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाया।

सावे से पहले केन्‍या के केल्विन किपटुम के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज था, जिन्‍होंने 2023 में शिकागो में 2:30:35 के समय में मैराथन पूरी की थी। सावे कानूनन दो घंटे के अंदर मैराथन की दौड़ पूरी करने वाले पहले धावक बने। उन्‍होंने साल 2019 में इलियुड किपचोगे के प्रदर्शनी मार्क 1:59:41 को पीछे छोड़ा।

कौन हैं सेबैस्टियन सावे

केन्या के 30 साल के सेबैस्टियन सावे ने लंदन मैराथन को पूरा करने में 1:59:30 (1 घंटा, 59 मिनट, 30 सेकंड) का समय निकाला और केन्या के ही केल्विन किप्टम के पिछले वर्ल्ड रिकॉर्ड को 65 सेकंड से पीछे छोड़ दिया। केन्या के लॉन्ग डिस्टेंस रनर सावे ने इससे पहले 2023 वर्ल्ड रोड रनिंग चैंपियनशिप्स और 2023 वर्ल्ड क्रॉस कन्ट्री चैंपियनशिप्स में गोल्ड के अलावा 2025 बर्लिन मैराथन और 2025 और 2026 के लंदन मैराथन में गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं।

सावे केन्या के रिफ़्ट वैली वाले ग्रामीण इलाके से आते हैं जहां से ज़्यादातर बड़े रनर्स निकलते हैं। वो शुरुआत में 10,000 मीटर और हाफ़ मैराथन में माहिर माने जाते थे। सावे एक गरीब परिवार से उभरे एथलीट बताये जाते हैं। दूसरे रनर्स की तरह उनके लिए भी दौड़ना ग़रीबी से निकलने का रास्ता रहा है। वो केन्या के हाई अल्टीट्यूड सेंटर कपटागाट या इटेन में ट्रेनिंग करते हैं। वो मशहूर कोच पैट्रिक सैंग की अगुआई में ट्रेनिंग करते हैं जो मशहूर रनर Eliud Kichoge के भी कोच रहे हैं।

सावे ने असंभव को कैसे संभव कर दिखाया

सावे का प्रदर्शन सिर्फ़ रफ़्तार के बारे में नहीं था, बल्कि यह रणनीति और सहनशक्ति के बारे में भी था। उनकी दौड़ में गति और तेज़ी का एक बेहतरीन मेल भी देखने को मिला।

दौड़ का विश्लेषण

  • उन्होंने 60:29 के समय में आधी दूरी तय कर ली थी।
  • इसके अलावा, 30 से 35 किलोमीटर के बीच की दूरी उन्होंने 13:54 में पूरी की।
  • 35 से 40 किलोमीटर के बीच वे और भी तेज़ रहे, और यह दूरी 13:42 में तय की।

दौड़ के आखिरी पड़ाव में, जहाँ दूसरे एथलीटों की रफ़्तार धीमी पड़ गई थी, वहीं सावे ने अपनी गति बढ़ा दी और अपनी असाधारण सहनशक्ति का लोहा मनवाया।

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vikash

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