लोकसभा ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 पारित किया

लोकसभा ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (सेस) विधेयक, 2025 पारित कर दिए हैं। इन विधेयकों के माध्यम से तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला जैसी ‘सिन गुड्स’ पर नया कर ढांचा लागू किया गया है। यह कदम जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर को बदलने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो 31 मार्च 2026 के बाद समाप्त हो जाएगा। नया कर ढांचा इन वस्तुओं पर उच्च कर भार बनाए रखेगा तथा स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी खर्चों के लिए निरंतर राजस्व सुनिश्चित करेगा।

संशोधन का उद्देश्य

इस सुधार के मुख्य लक्ष्य हैं:

  • जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर समाप्त होने के बाद भी राजस्व की निरंतरता सुनिश्चित करना।

  • तंबाकू व पान मसाला जैसे अवगुण (demerit) उत्पादों पर उच्च कर बनाए रखना।

  • कर के उपयोग को सामान्य खर्च से हटाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्रित करना।

  • कोविड-19 के दौरान राज्यों की क्षतिपूर्ति हेतु लिए गए कर्ज की अदायगी में सहयोग देना।

पृष्ठभूमि: जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर और इसका चरणबद्ध समाप्त होना

जब 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किया गया, तब केंद्र सरकार ने राज्यों को राजस्व हानि की क्षतिपूर्ति का वादा किया था। इसका वित्त पोषण ‘सिन’ और लग्जरी वस्तुओं पर लगाए गए क्षतिपूर्ति उपकर से किया जाता था।
यह उपकर पहले 5 वर्ष (30 जून 2022 तक) लागू रहना था, लेकिन महामारी के कर्ज चुकाने के लिए इसे 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया।

सितंबर 2025 में कई लग्जरी वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति उपकर हटा दिया गया, लेकिन तंबाकू और पान मसाला पर इसे जारी रखा गया था।
अब नया केंद्रीय उत्पाद शुल्क व सेस ढांचा इसे प्रतिस्थापित करेगा।

नया कानून क्या प्रस्ताव रखता है?

1. केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025

यह विधेयक मौजूदा उपकर को हटाकर तंबाकू उत्पादों पर नया केंद्रीय उत्पाद शुल्क लागू करेगा, जिनमें शामिल हैं:

  • सिगरेट, सिगार, चेरूट, हुक्के, ज़र्दा, सुगंधित तंबाकू

  • ₹5,000–₹11,000 प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक (लंबाई के अनुसार)

  • 60–70% कर बिना प्रसंस्कृत तंबाकू पर

  • 100% उत्पाद शुल्क निकोटिन व इनहेलेशन उत्पादों पर

यह शुल्क 40% जीएसटी दर के अतिरिक्त होगा।

2. स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (सेस) विधेयक, 2025

इस विधेयक के अंतर्गत पान मसाला तथा भविष्य में अधिसूचित अन्य वस्तुओं पर विशेष सेस लगाया जाएगा। इसकी आय का उपयोग निम्न क्षेत्रों में होगा:

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम

  • राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी व्यय

यह सेस राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाएगा क्योंकि यह विभाज्य कर पूल का हिस्सा नहीं है।

व्यापक प्रभाव और नीति महत्व

यह दोहरा कर ढांचा सुनिश्चित करता है कि जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर हटने के बाद भी इन वस्तुओं पर कुल कर भार जैसा का तैसा रहे। इससे निम्न उद्देश्यों को बढ़ावा मिलेगा:

  • वित्तीय अनुशासन को मजबूती

  • स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के उपभोग में कमी

  • महामारी संबंधी कर्ज की समय पर अदायगी

  • अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य-जोखिम उत्पादों पर लक्षित कराधान

मुख्य तथ्य (Key Takeaways)

  • लोकसभा ने 3 दिसंबर 2025 को केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 पारित किए।

  • ये विधेयक तंबाकू और पान मसाला पर जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर को प्रतिस्थापित करेंगे।

कर संरचना:

  • सिगरेट पर उत्पाद शुल्क: ₹5,000–₹11,000 प्रति 1,000 स्टिक

  • बिना प्रसंस्कृत तंबाकू पर: 60–70% शुल्क

  • निकोटिन उत्पादों पर: 100% शुल्क

  • पान मसाला पर सेस: स्वास्थ्य व राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए उपयोग किया जाएगा।

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vikash

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