ड्रोन के माध्यम से टिड्डियों (locusts) को नियंत्रित करने वाला भारत पहला देश बन गया है। मेक इन इंडिया पहल के तहत, कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग (DAC&FW) , कृषि मंत्रालय ने स्थानीय रूप से टिड्डी नियंत्रण के लिए वाहन पर चढ़कर अल्ट्रा-लो वॉल्यूम (ULV) स्प्रेयर विकसित किया है। टिड्डी एक फसल खराब करने वाला प्रवासी कीट है, जो भारत-पाकिस्तान सीमा से होते हुए भारत में घुस आया है।
टिड्डे सर्कल कार्यालयों और 12 ड्रोनों की कुल 60 ग्राउंड कंट्रोल टीमों का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में टिड्डी नियंत्रण कार्यों के लिए किया जा रहा है। टिड्डी नियंत्रण के लिए एक हवाई स्प्रे की आवश्यकता महसूस की गई जैसे कि ग्राउंड कंट्रोल वाहन स्प्रेयर केवल 25-30 फीट की ऊंचाई तक स्प्रे कर सकते हैं। ट्रैक्टर से चलने वाले स्प्रेयर को दुर्गम क्षेत्रों और ऊंचे पेड़ों तक पहुंचने में भी सीमा होती है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ( Air Marshal Inderpal Singh Walia ) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…
केंद्र और राज्यों के बीच धन के बंटवारे ने एक नए चरण में प्रवेश कर…
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में गुजरात ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 31 दिसंबर…
World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…
रूमेटॉइड आर्थराइटिस को अक्सर केवल जोड़ों के दर्द के रूप में समझ लिया जाता है,…
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026–27…