परियोजना का उद्देश्य उत्तर पूर्वी क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए पनबिजली का उत्पादन है. जर्मनी की सरकार ने पारे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट परियोजना के लिए भारत सरकार की गारंटी सहित नार्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पॉवर कॉरपोरेशन (एनईईपीसीओ) के साथ 80 मिलियन यूरो के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए.
धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…