COVID-19 से उबरने के एक महीने बाद प्रसिद्ध उर्दू कवि और आलोचक, शम्सुर्रहमान फारुकी का निधन हो गया है. उन्हें 1996 में अपने काम अठारहवीं शताब्दी के कवि मीर तकी मीर पर किए गए चार-संस्करण अध्ययन ‘शेर-ए शोर-अंजेज़’ के लिए सरस्वती सम्मान से सम्मानित किया गया था. भारत सरकार ने उन्हें 2009 में नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया था.
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