लद्दाख ने विज्ञान आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। हाल ही में लेह में आयोजित पहले “एस्ट्रो टूरिज्म फेस्टिवल” का सफल समापन हुआ। यह दो दिवसीय आयोजन लद्दाख पर्यटन विभाग और भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु के सहयोग से किया गया, जिसका उद्देश्य लद्दाख को खगोल पर्यटन (Astro Tourism) के प्रमुख गंतव्यों में शामिल करना है।
भारत में विज्ञान आधारित और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत, लद्दाख में पहला एस्ट्रो टूरिज्म फेस्टिवल आयोजित किया गया। इस आयोजन ने लद्दाख की भौगोलिक विशेषताओं — जैसे उच्च ऊँचाई, शुष्क मौसम और न्यूनतम प्रकाश प्रदूषण — का उपयोग कर इसे खगोल पर्यटन के लिए आदर्श स्थल के रूप में प्रस्तुत किया।
2-दिवसीय आयोजन | स्थान: लेह, लद्दाख
लद्दाख पर्यटन विभाग
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु
सहयोग: कश्मीर विश्वविद्यालय और ISRO वैज्ञानिकों का
लेह विश्वविद्यालय परिसर: रात्रि आकाश अवलोकन
हनले डार्क स्काई रिज़र्व: भारत का पहला डार्क स्काई रिज़र्व (2022 में घोषित)
टेलीस्कोप की सहायता से
तारामंडल
ग्रहों की स्थिति
दूरस्थ आकाशीय पिंडों (Deep-sky objects) जैसे आकाशगंगाएं और नीहारिकाएं देखी गईं।
ISRO के वैज्ञानिकों द्वारा खगोल विज्ञान पर व्याख्यान
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान के शोधकर्ता
कश्मीर विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों द्वारा संवादात्मक चर्चाएं
लद्दाख को भारत के एस्ट्रो टूरिज्म हब के रूप में विकसित करना
आम जनता और पर्यटकों को खगोल विज्ञान व अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूक करना
स्थानीय विकास योजनाओं में विज्ञान आधारित पर्यटन को शामिल करना
लद्दाख की प्राकृतिक विशेषताओं का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उपयोग करना
हनले डार्क स्काई रिज़र्व विश्व के उच्चतम और साफ-सुथरे खगोल अवलोकन स्थलों में से एक है।
भारतीय खगोल वेधशाला, हनले में ऑप्टिकल, इंफ्रारेड और गामा-रे टेलीस्कोप स्थापित हैं।
स्थायी पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
युवाओं और पर्यटकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास
वैश्विक एस्ट्रो टूरिज्म ट्रेंड्स के अनुरूप भारत की भागीदारी
लद्दाख को बहुआयामी पर्यटन स्थल के रूप में सुदृढ़ बनाना
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