भारतीय मूल के काश पटेल को आधिकारिक रूप से 21 फरवरी 2025 को फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के नौवें निदेशक के रूप में शपथ दिलाई गई। पटेल, जो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते हैं, ने भगवद गीता पर शपथ ली, जो अमेरिकी इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था। उनकी शपथ ग्रहण समारोह आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग में आयोजित किया गया, जहां अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने उन्हें शपथ दिलाई। पटेल ने क्रिस्टोफर रे की जगह ली, जिन्होंने बाइडेन प्रशासन के अंत में इस्तीफा दे दिया था।
इस समारोह में पटेल के परिवार, उनकी गर्लफ्रेंड और कई प्रमुख रिपब्लिकन नेता, जैसे सीनेटर टेड क्रूज़ और प्रतिनिधि जिम जॉर्डन, उपस्थित थे। उनकी नियुक्ति सीनेट में 51-49 वोटों से अनुमोदित हुई, जिसमें दो रिपब्लिकन सीनेटर – सुसान कॉलिन्स (मेन) और लिसा मुर्कोव्स्की (अलास्का) – ने उनके खिलाफ मतदान किया।
हालांकि पटेल की भगवद गीता पर शपथ ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया, लेकिन वे पहले भारतीय-अमेरिकी नहीं हैं जिन्होंने ऐसा किया। इससे पहले, कांग्रेस सदस्य सुहास सुब्रमण्यम ने भी अपने पद की शपथ भगवद गीता पर ली थी, जो अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
पटेल की नियुक्ति को लेकर डेमोक्रेट्स ने कड़ा विरोध जताया। वे मानते हैं कि पटेल FBI के स्वतंत्र निदेशक के बजाय ट्रंप के समर्थक के रूप में काम कर सकते हैं। उनकी पुरानी टिप्पणियों को लेकर भी चिंता जताई गई, जिनमें उन्होंने कहा था कि वे “ट्रंप विरोधी षड्यंत्रकारियों” के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
अपनी पुष्टि सुनवाई के दौरान, पटेल ने सांसदों को आश्वस्त करने की कोशिश की कि वे संविधान का पालन करेंगे और किसी भी राजनीतिक प्रतिशोध में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, अपने शपथ ग्रहण भाषण में उन्होंने मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि कई पत्रकारों ने उनके बारे में “नकली, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक” खबरें प्रकाशित की हैं।
पटेल एक ऐसे समय में FBI का कार्यभार संभाल रहे हैं जब एजेंसी में बड़े पैमाने पर बदलाव हो रहे हैं। न्याय विभाग ने हाल ही में कई वरिष्ठ FBI अधिकारियों को हटाया और उन हजारों एजेंटों की जानकारी मांगी जो 6 जनवरी 2021 के यू.एस. कैपिटल दंगे की जांच में शामिल थे।
1. FBI संचालन का विकेंद्रीकरण
पटेल का मानना है कि FBI का मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. में अत्यधिक केंद्रित है, जिसे बदलने की जरूरत है। वे 1,000 FBI कर्मचारियों को क्षेत्रीय कार्यालयों में स्थानांतरित करने और 500 कर्मचारियों को अलबामा के हंट्सविल स्थित FBI सुविधा में भेजने की योजना बना रहे हैं।
2. FBI की प्राथमिकताओं में बदलाव
पटेल FBI के मुख्य उद्देश्य को फिर से पारंपरिक अपराध जांच की ओर केंद्रित करना चाहते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि पिछले दो दशकों में एजेंसी राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने मूल कर्तव्यों से भटक गई है।
3. अपराध पर कड़ा रुख
उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अपराधियों और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है।
FBI निदेशक बनने से पहले, पटेल न्याय विभाग में आतंकवाद-निरोधी अभियोजक थे और ट्रंप प्रशासन के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। नवंबर 2024 में, डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें FBI निदेशक के रूप में नामित किया था, क्योंकि क्रिस्टोफर रे ने बाइडेन प्रशासन के अंत में इस्तीफा दे दिया था।
डोनाल्ड ट्रंप और FBI के बीच हमेशा से तनाव रहा है। उन्होंने 2017 में तत्कालीन FBI निदेशक जेम्स कोमी को बर्खास्त कर दिया था और क्रिस्टोफर रे के साथ भी मतभेद रहे, विशेष रूप से जब 2022 में FBI एजेंटों ने ट्रंप के मार-ए-लागो निवास पर छापा मारा था।
FBI निदेशकों को आमतौर पर 10 साल का कार्यकाल दिया जाता है ताकि वे राजनीतिक दबाव से स्वतंत्र रह सकें। हालांकि, पटेल की ट्रंप से नजदीकी और उनकी आक्रामक सुधार योजनाएं उनके कार्यकाल को विवादों और राजनीतिक चुनौतियों से घेर सकती हैं।
उनकी नेतृत्व क्षमता की परीक्षा तब होगी जब वे डेमोक्रेट्स के विरोध, राजनीतिक दबाव और FBI में सुधार की जटिलताओं से निपटेंगे।
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