न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) दिनेश कुमार ने 29 अप्रैल 2024 को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट ) के पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला। भारत सरकार ने न्यायमूर्ति दिनेश कुमार को चार साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया। सैट के पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, न्यायमूर्ति दिनेश कुमार कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। वह फरवरी 2024 में पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल के दिसंबर 2023 में सेवानिवृत्त हो जाने के चार महीने बाद, सैट में किसी पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति हुई है। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) दिनेश कुमार के साथ धीरज भटनागर ने भी न्यायाधिकरण के तकनीकी सदस्य के रूप में अपना कार्यभार संभाला। उन्हें चार साल की अवधि के लिए या 67 वर्ष की आयु तक पहुंचने तक, जो भी पहले हो, के लिए नियुक्त किया गया है। धीरज भटनागर दिल्ली के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। तीन सदस्यीय सैट की अन्य सदस्य, मीरा स्वरूप हैं।
प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण एक वैधानिक निकाय है जिसकी स्थापना 1992 में भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड अधिनियम 1992 के प्रावधानों के तहत की गई थी।
सैट के कार्य
प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना उच्च न्यायालय के स्थान पर की गई थी। न्यायाधिकरण निम्नलिखित वैधानिक वित्तीय संस्थाओं के आदेश या फैसले के खिलाफ अपील सुनता है-
सैट की संरचना
सैट में एक पीठासीन अधिकारी और अन्य न्यायिक और तकनीकी सदस्य होते हैं। केंद्र सरकार के पास सैट के सदस्यों की कुल संख्या निर्धारित करने की शक्ति है। वर्तमान में सैट में पीठासीन अधिकारी सहित तीन सदस्य होते हैं।
पीठासीन अधिकारी की योग्यता;
या
न्यायिक सदस्य की योग्यता
या
तकनीकी सदस्य की योग्यता
या
सैट के सदस्यों की नियुक्ति
कार्यकाल
सैट के आदेश के विरुद्ध अपील
क्षेत्राधिकार
विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सरकारी अधिकारियों को…
हाल ही में जारी 2026 के सबसे युवा अरबपतियों (30 वर्ष से कम) की सूची…
तमिलनाडु 2024-25 में भारत का शीर्ष टेक्सटाइल निर्यातक राज्य बनकर उभरा है, जिसने गुजरात और…
भारत और वियतनाम ने जनजातीय एवं जातीय विकास के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत…
भारत की प्रमुख आईटी कंपनी Wipro ने गांधीनगर स्थित GIFT City में एक नया एआई…
2026 में दुनिया भर में स्वयं के दम पर बनी (सेल्फ-मेड) महिला अरबपतियों की संख्या…