जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है। कल्याणी में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने बंगाल क्रिकेट टीम को छह विकेट से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
साधारण लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को शुरुआती झटके लगे, लेकिन अब्दुल समद और वंशज शर्मा ने पारी को संभाला। पहली पारी में 82 रनों की अहम पारी खेलने वाले अब्दुल समद ने एक बार फिर निडर बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया, जबकि वंशज शर्मा ने शानदार सीधा छक्का लगाकर जीत पर मुहर लगा दी। यह जीत 66 वर्षों के लंबे इंतजार का अंत है और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।
पिछले कुछ सत्रों में लगातार मजबूत प्रदर्शन के बाद यह सफलता टीम की मेहनत और निरंतर प्रगति का परिणाम है।
अब्दुल समद ने दबाव की स्थिति में एक बार फिर खुद को साबित किया। उनकी आक्रामक और आत्मविश्वास भरी बल्लेबाजी ने टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला और फाइनल का रास्ता प्रशस्त किया।
| प्रदर्शन क्षेत्र | योगदान |
| पहली पारी | 85 गेंदों पर 82 रन |
| महत्वपूर्ण साझेदारी | 143 रनों की साझेदारी |
| दूसरी पारी | 27 गेंदों पर तेज़ 30 रन |
समद के आक्रामक स्ट्रोकप्ले ने बंगाल के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर दिया, विशेष रूप से आकाश दीप और शाहबाज अहमद को निशाना बनाया।
हालांकि लक्ष्य छोटा था, लेकिन बंगाल क्रिकेट टीम ने जोरदार प्रतिरोध दिखाया।
इन त्वरित विकेटों ने मैच का रुख कुछ समय के लिए बदल दिया और आसान दिख रही जीत में तनाव पैदा कर दिया।
जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम की सफलता अचानक नहीं आई।
इन प्रदर्शनों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जीतने की टीम की बढ़ती क्षमता और आत्मविश्वास को दर्शाया।
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