झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का 06 अप्रैल 2023 को निधन हो गया। उन्होंने चेन्नई में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। वह 57 वर्ष के थे। जगरनाथ महतो लंबे समय से बिमार चल रहे थे। कोरोना काल में वे वायरस की चपेट में आ गए थे। इस वजह से नवंबर 2020 में उनके फेफड़ों का प्रत्यारोपण किया गया था। मंत्री जगरनाथ महतो के निधन पर राज्य सरकार ने राजकीय शोक घोषित किया. दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया गया.
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उनका जन्म बोकारो जिले के अलारगो गांव में सन 1967 में हुआ था। उनके पिता का नाम नारायण महतो था। उनके परिवार में अब 4 बेटियां और एक बेटा शामिल है। जगन्नाथ महतो की शिक्षा सन 1995 में नेहरू हाई स्कूल तेलों, बोकारो से शुरू हुई। उन्होंने वहां से अपनी दसवीं की पढ़ाई पूरी की उसके बाद अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। महतो को झारखंड में ‘टाइगर’ कहा जाता था। महतो ने झारखंड आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी।
जगन्नाथ महतो शुरू से ही झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े रहे। झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता के रूप में जाने जाते हैं। वह पहली जेएमएम के सिंबल से डुमरी(गिरिडीह) विधानसभा से 4 बार विधायक निर्वाचित हुए सबसे पहले 2005 में वही फिर 2009 में इसके अलावा 2014 एवं 2019 में भी लगातार चौथी बार गिरिडीह के डुमरी विधानसभा से विधायक निर्वाचित हुए। जहां 2019 में उन्हें झारखंड कैबिनेट में जगह मिली और वे शिक्षा मंत्री व उत्पाद मंत्री के रूप में शपथ ली।
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