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मनदीप जांगड़ा ने जीता डब्ल्यूबीएफ का विश्व खिताब

भारतीय पेशेवर मुक्केबाज मनदीप जांगड़ा ने केमैन आइलैंड में ब्रिटेन के कोनोर मैकिन्टोश को हराकर विश्व मुक्केबाजी महासंघ (डब्ल्यूबीएफ) का सुपर फेदरवेट विश्व खिताब जीता। पूर्व ओलंपिक रजत पदक विजेता रॉय जोन्स जूनियर से प्रशिक्षण लेने वाले 31 वर्षीय जांगड़ा ने अपने पेशेवर करियर में अब तक केवल एक हार का सामना किया है।

ब्रिटिश मुक्केबाज के खिलाफ मुकाबले में अधिकतर राउंड में उनका पलड़ा भारी रहा। जांगड़ा ने शुरू से ही दमदार मुक्के जमाए और पूरे 10 राउंड में अपना दमखम बरकरार रखा। दूसरी तरफ ब्रिटिश मुक्केबाज को गति बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा। कोनोर ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जांगड़ा ने अधिकतर राउंड में बढ़त बनाए रखी।

जीत और प्रतिद्वंदी

  • मंदीप जांगड़ा ने WBF के सुपर फेदरवेट वर्ल्ड टाइटल को जीता।
  • उन्होंने कैमन आइलैंड्स में ब्रिटिश मुक्केबाज क़ोनर मैकिंटॉश को हराया।

लड़ाई में प्रदर्शन

  • जांगड़ा पूरे मुकाबले में हावी रहे और हर राउंड में मजबूत पंच लगाए।
  • उन्होंने 10 राउंड तक अपनी सहनशक्ति बनाए रखी, जबकि मैकिंटॉश उनसे मुकाबला करने में संघर्ष करते रहे।
  • मैकिंटॉश ने वापसी की कोशिश की, लेकिन वह जांगड़ा को पछाड़ने में विफल रहे।

प्रशिक्षण और करियर पृष्ठभूमि

  • जांगड़ा ने पूर्व ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट रॉय जोन्स जूनियर के तहत प्रशिक्षण लिया है।
  • उनके पेशेवर मुक्केबाजी करियर में अब तक केवल एक हार आई है।
  • उन्होंने 2021 में पेशेवर मुक्केबाजी में पदार्पण किया था।

जीत का महत्व

  • जांगड़ा ने इस जीत को अपने करियर की सबसे बड़ी जीत में से एक बताया।
  • उन्होंने इस जीत पर गर्व जताते हुए कहा कि वह भारत का नाम रोशन करने में गर्व महसूस करते हैं और इस उपलब्धि के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है।

भारतीय मुक्केबाजी पर प्रभाव

  • जांगड़ा का मानना है कि यह जीत भारतीय मुक्केबाजों को पेशेवर करियर की ओर प्रेरित करेगी।
  • उनका कहना है कि उचित प्रचारकों और प्रबंधकों के साथ भारतीय मुक्केबाज भी वर्ल्ड चैंपियनशिप तक पहुँच सकते हैं।
  • उन्होंने कहा कि भारतीय मुक्केबाजों में बहुत बड़ी प्रतिभा और क्षमता है।

रिकॉर्ड और उपलब्धियाँ

  • जांगड़ा का पेशेवर करियर रिकॉर्ड 12 में से 11 जीत (7 नॉकआउट के साथ) है।
  • उन्होंने 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में एमिच्योर सर्किट में सिल्वर मेडल जीता था।

जांगड़ा का बयान

“मुझे लगता है कि यह टाइटल देश के अन्य मुक्केबाजों के लिए रास्ता खोलेगा और वे भी पेशेवर मुक्केबाजी में करियर बनाने का फैसला करेंगे।”

Summary/Static Details
चर्चा में क्यों? भारतीय पेशेवर मुक्केबाज मनदीप जांगड़ा ने विश्व मुक्केबाजी महासंघ का सुपर फेदरवेट विश्व खिताब जीता
स्थान केमन द्वीपसमूह
विश्व मुक्केबाजी महासंघ
  • स्थापना – 1988
  • मुख्यालय – लक्ज़मबर्ग
  • अध्यक्ष – हॉवर्ड गोल्डबर्ग
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vikash

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