अमित शाह ने ‘जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख थ्रू द एजेस’ पुस्तक का विमोचन किया

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री, श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में पुस्तक ‘जम्मू कश्मीर और लद्दाख थ्रू द एजेस: ए विजुअल नैरेटिव ऑफ कंटिन्यूटीज एंड लिंकेजेस’ का विमोचन किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR) के अध्यक्ष प्रोफेसर रघुवेंद्र तंवर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। श्री अमित शाह ने पुस्तक की भौगोलिक-सांस्कृतिक एकता को दस्तावेजीकृत करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला और जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के भारत से अटूट संबंध को रेखांकित किया।

पुस्तक का महत्व

  • प्रकाशन: राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT)
  • मुख्य उद्देश्य:
    • भारत की भौगोलिक-सांस्कृतिक एकता को कश्मीर से कन्याकुमारी तक प्रदर्शित करना।
    • भारत की असमानता के मिथकों को खारिज करना और ऐतिहासिक सत्य स्थापित करना।
    • 8,000 वर्षों से अधिक समय से भारत के इतिहास में कश्मीर की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना।

कश्मीर, लद्दाख, बौद्ध धर्म और शैववाद का संबंध

  • पुस्तक और प्रदर्शनी में कश्मीर और लद्दाख की समृद्ध विरासत का दस्तावेजीकरण किया गया है, जिसमें लिपियाँ, ज्ञान प्रणालियाँ, आध्यात्मिकता, संस्कृति और भाषाएँ शामिल हैं।
  • कश्मीर बौद्ध धर्म की यात्रा में नेपाल और बिहार से अफगानिस्तान तक एक महत्वपूर्ण कड़ी था।
  • क्षेत्र ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के बाद आधुनिक बौद्ध धर्म को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • पुस्तक में द्रास और लद्दाख की मूर्तियाँ, स्तूप, और आक्रमणकारियों द्वारा नष्ट किए गए मंदिरों के अवशेष शामिल हैं।
  • इसमें ऐतिहासिक ग्रंथ ‘राजतरंगिणी’ के संस्कृत संदर्भ भी शामिल हैं।

कश्मीर का ऐतिहासिक महत्व

  • पुस्तक में कश्मीर के 8,000 वर्षों के इतिहास को शामिल किया गया है, जिसे पवित्र गंगा को एक पात्र में समेटने के समान बताया गया।
  • श्री शाह ने जोर देकर कहा कि कश्मीर हमेशा बौद्ध धर्म, सूफीवाद और शैववाद जैसे विश्वासों को पोषित करने वाली समावेशिता की भूमि रही है।
  • उन्होंने कश्मीर को “कश्यप की भूमि” कहा, जिससे इसके ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया।

कश्मीर में भाषाई और सांस्कृतिक विविधता

  • श्री शाह ने भारत की भाषाई विविधता को कश्मीर में विशेष रूप से प्रतिबिंबित करते हुए इसकी ताकत बताया।
  • पीएम मोदी की सरकार ने कश्मीरी, बल्टी, डोगरी, लद्दाखी और जांस्कारी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को आधिकारिक भाषा बनाकर उनकी रक्षा सुनिश्चित की है।
  • यह सरकार की भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

संस्कृतिक और ऐतिहासिक अंतर्दृष्टि

  • पुस्तक बौद्ध धर्म, शैववाद और सूफीवाद में कश्मीर के योगदान को दर्शाती है।
  • इसमें लद्दाख और द्रास की मूर्तियाँ, स्तूप और मंदिर अवशेष शामिल हैं।
  • जम्मू-कश्मीर में संस्कृत के उपयोग पर चर्चा करती है और ‘राजतरंगिणी’ जैसे प्राचीन ग्रंथों का उल्लेख करती है।

अनुच्छेद 370 का उन्मूलन

  • श्री शाह ने 5 अगस्त, 2019 को ऐतिहासिक अनुच्छेद 370 के उन्मूलन के लिए पीएम मोदी को श्रेय दिया।
  • उन्होंने अनुच्छेद 370 को अलगाववाद और आतंकवाद की जड़ बताया।
  • उन्मूलन के बाद आतंकवादी घटनाओं में 70% की कमी का उल्लेख किया।

श्री शाह के प्रमुख बयान

  • “कश्मीर हमेशा भारत का अभिन्न अंग था और रहेगा।”
  • “अनुच्छेद 370 आतंकवाद का प्रवर्तक था; इसका उन्मूलन एक कलंकित अध्याय का अंत है।”
  • “कश्मीर की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत अब पीएम मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित है।”
विषय विवरण
समाचार में क्यों? ‘जम्मू कश्मीर और लद्दाख थ्रू द एजेस’ पुस्तक का विमोचन अमित शाह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम पुस्तक ‘जम्मू कश्मीर और लद्दाख थ्रू द एजेस: ए विजुअल नैरेटिव ऑफ कंटिन्यूटीज एंड लिंकेजेस’ का विमोचन।
किसके द्वारा जारी की गई? केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री, श्री अमित शाह।
उपस्थित प्रमुख गणमान्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, ICHR अध्यक्ष प्रो. रघुवेंद्र तंवर।
प्रकाशक राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT)।
पुस्तक का फोकस – भारत की भौगोलिक-सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करना।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

ब्रिटेन सरकार का बड़ा फैसला: अब कभी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे बच्चे, संसद ने पास किया कानून

ब्रिटेन (UK) की संसद ने 'तंबाकू और वेप्स बिल' को मंज़ूरी दे दी है। इस…

6 hours ago

Top Current Affairs News 23 April 2026: पढ़ें फटाफट अंदाज में

Top Current Affairs 23 April 2026 in Hindi: बता दें, आज के इस दौर में सरकारी…

6 hours ago

कोणार्क सूर्य मंदिर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की जीर्णोद्धार परियोजना की व्याख्या

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने कोणार्क सूर्य मंदिर में एक महत्वपूर्ण संरक्षण अभियान शुरू किया…

6 hours ago

भारत ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में “वीएम फ्रेम्स” प्रतियोगिता शुरू की

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर…

9 hours ago

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नादेंडला भास्कर राव का हैदराबाद में निधन

अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नादेंडला भास्कर राव का हैदराबाद में 90 वर्ष की…

10 hours ago

सरकार का ऑनलाइन गेमिंग पर बड़ा फैसला, 1 मई से लागू होंगे नए नियम

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने 22 अप्रैल 2026 को बहुप्रतीक्षित ऑनलाइन गेमिंग नियमों को अधिसूचित…

11 hours ago