जेम्स वेब ने खोजा नींबू जैसा अनोखा ग्रह

खगोलविदों ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) की मदद से अब तक देखे गए सबसे विचित्र ग्रहों में से एक की खोज की है। यह एक्सोप्लैनेट अत्यधिक गुरुत्वीय बलों के कारण नींबू (lemon) जैसे खिंचे हुए आकार में बदल गया है। यह खोज न केवल वेब टेलीस्कोप की असाधारण क्षमताओं को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि ब्रह्मांड में ग्रह प्रणालियाँ कितनी विविध और चरम हो सकती हैं।

नव-खोजा गया ग्रह: प्रमुख जानकारी

  • ग्रह का नाम PSR J2322-2650b है।
  • यह आकार में लगभग बृहस्पति जितना है, लेकिन अपने होस्ट पल्सर (न्यूट्रॉन तारा) के बेहद करीब—लगभग 10 लाख मील—की दूरी पर परिक्रमा करता है।
  • यह दूरी पृथ्वी–सूर्य दूरी का केवल 1% है।
  • इसकी परिक्रमा अवधि मात्र 7.8 पृथ्वी घंटे है—यानि इसका “साल” पृथ्वी के एक कार्यदिवस से भी छोटा।

ग्रह का ‘नींबू’ जैसा आकार क्यों?

  • पल्सर द्वारा लगाए गए अत्यधिक ज्वारीय (tidal) बल ग्रह को उसकी कक्षा की दिशा में खींच देते हैं।
  • इसी कारण ग्रह लंबा और अंडाकार (रग्बी बॉल/नींबू जैसा) बन गया है।
  • वैज्ञानिक इसे अब तक का सबसे अधिक खिंचा हुआ ग्रह मानते हैं, जो संभवतः ग्रहों की एक नई श्रेणी का संकेत देता है।

अवलोकन में अनोखा लाभ

  • सामान्य तारों के विपरीत, पल्सर अधिकांश ऊर्जा गामा किरणों में उत्सर्जित करते हैं, जो इन्फ्रारेड टेलीस्कोप को बाधित नहीं करतीं।
  • इससे वेब टेलीस्कोप को ग्रह का बेहद साफ वायुमंडलीय स्पेक्ट्रम देखने का दुर्लभ अवसर मिला।
  • यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के माइकल झांग के अनुसार, यह एक्सोप्लैनेट अध्ययन के लिए असाधारण स्थिति है।

अत्यधिक तापमान और अनोखी संरचना

ग्रह का सतही तापमान लगभग 3,700°F (करीब 2,040°C) है—जो शुक्र ग्रह से लगभग चार गुना अधिक है।

इसका वायुमंडल मुख्यतः हीलियम और कार्बन से बना है; ऑक्सीजन और नाइट्रोजन लगभग अनुपस्थित हैं।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यहाँ कार्बन सूट (कालिख) के बादल हो सकते हैं, जो अत्यधिक दाब में भीतर हीरे जैसे ठोस ढाँचों में बदल सकते हैं।

वैज्ञानिक महत्व

  • यह अध्ययन The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित हुआ है।
  • खोज ग्रह निर्माण, संरचना और वायुमंडलीय रसायन के मौजूदा मॉडलों को चुनौती देती है।
  • यह प्रश्न उठता है कि न्यूट्रॉन तारों के पास ग्रह कैसे टिक पाते हैं और ऐसे चरम संसार कितने आम हो सकते हैं।
  • साथ ही, यह जेम्स वेब टेलीस्कोप की परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित करता है।

मुख्य बिंदु

  • खोज जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से की गई।
  • ग्रह का नाम PSR J2322-2650b है।
  • यह एक पल्सर के अत्यंत निकट परिक्रमा करता है।
  • प्रबल ज्वारीय बलों से ग्रह नींबू जैसे आकार में खिंच गया है।
  • इसकी परिक्रमा अवधि केवल 7.8 घंटे है।
  • वायुमंडल में हीलियम और कार्बन प्रमुख हैं।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

7 hours ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

7 hours ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

8 hours ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

8 hours ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

8 hours ago