इसरो ली-आयन बैटरियों का उपयोग उपग्रह और प्रक्षेपण वाहन के अनुप्रयोगों के लिए ऊर्जा स्रोतों के रूप में करता है इसका कारण उनकी उच्च ऊर्जा घनत्व, विश्वसनीयता और लम्बा जीवन चक्र है. यह ली-आयन सेल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भेल को अंतरिक्ष ग्रेड ली-आयन सेल का निर्माण करने में सक्षम बनाएगा जो देश की अंतरिक्ष कार्यक्रम आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं.
सिम्बायोसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 'जेंडर इन्क्लूजन और स्किल डेवलपमेंट' पर एशिया की पहली…
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भारत ने एक बड़े आर्थिक बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है, क्योंकि NITI Aayog…
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