ISRO ने RESPOND बास्केट 2025 लॉन्च किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने RESPOND Basket 2025 जारी किया है, जिसके तहत देशभर के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से अनुसंधान प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक अनुसंधान को ISRO की वर्तमान और भविष्य की अंतरिक्ष मिशन आवश्यकताओं के साथ जोड़ना है, ताकि उन्नत वैज्ञानिक शोध सीधे राष्ट्रीय अंतरिक्ष लक्ष्यों में योगदान दे सके।

RESPOND Basket 2025 क्या है

  • RESPOND Basket 2025, ISRO तथा अंतरिक्ष विभाग (Department of Space – DoS) के अंतर्गत विभिन्न केंद्रों द्वारा चिन्हित मिशन-उन्मुख अनुसंधान समस्या विवरणों (Problem Statements) का एक संकलन है।
  • ये समस्या विवरण ISRO की तत्काल परिचालन आवश्यकताओं और दीर्घकालिक अनुसंधान एवं विकास (R&D) प्राथमिकताओं से सीधे जुड़े हुए हैं।
  • इस पहल के तहत सामान्य या सैद्धांतिक शोध के बजाय व्यावहारिक और अनुप्रयोग-आधारित अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जाता है, जिसे वास्तविक अंतरिक्ष मिशनों में लागू किया जा सके।

RESPOND Basket 2025 के उद्देश्य

  • शैक्षणिक अनुसंधान और राष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशनों के बीच की दूरी को कम करना
  • जटिल अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी चुनौतियों के समाधान में अकादमिक नवाचार को दिशा देना
  • भारत की विशाल शैक्षणिक प्रतिभा और युवा शोधकर्ताओं को रणनीतिक राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जोड़ना

पहल की प्रमुख विशेषताएँ

  • मिशन-अलाइन रिसर्च फोकस: सभी समस्या विवरण ISRO की कार्यक्रमगत आवश्यकताओं से जुड़े
  • देश के विश्वविद्यालयों और मान्यता प्राप्त शैक्षणिक/अनुसंधान संस्थानों के लिए खुला
  • ISRO वैज्ञानिकों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और ओरिएंटेशन प्रदान किया जाएगा
  • सभी शोध प्रस्तावों का I-GRASP पोर्टल के माध्यम से डिजिटल सबमिशन
  • प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और उद्देश्य की स्पष्टता

कौन प्रकाशित करता है

RESPOND Basket 2025 को ISRO, अंतरिक्ष विभाग (DoS), भारत सरकार के अंतर्गत प्रकाशित करता है।

ISRO के विभिन्न केंद्र अपने-अपने विशेषज्ञ क्षेत्रों के अनुसार समस्या विवरण प्रदान करते हैं, जैसे—

  • प्रक्षेपण यान (Launch Vehicles)
  • उपग्रह प्रणालियाँ
  • प्रणोदन (Propulsion)
  • अंतरिक्ष विज्ञान
  • उन्नत सामग्री एवं तकनीक

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • RESPOND Basket 2025 ISRO द्वारा जारी किया गया
  • इसमें मिशन-उन्मुख अनुसंधान समस्या विवरण शामिल हैं
  • उद्देश्य: शैक्षणिक शोध को ISRO की मिशन आवश्यकताओं से जोड़ना
  • अंतरिक्ष विभाग (DoS) के अंतर्गत प्रकाशित
  • भारत के विश्वविद्यालयों और मान्यता प्राप्त संस्थानों के लिए खुला
  • प्रस्ताव I-GRASP पोर्टल के माध्यम से जमा किए जाएंगे
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

अश्विनी भिड़े बनीं पहली महिला BMC कमिश्नर

अश्विनी भिड़े को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की पहली महिला नगर आयुक्त नियुक्त किया गया…

15 hours ago

लोकसभा ने आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के लिए प्रस्ताव पारित किया

लोकसभा ने प्रस्ताव पारित कर दिया है और अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी…

15 hours ago

दिल्ली सरकार ने ‘लखपति बिटिया योजना’ शुरू की

दिल्ली राज्य सरकार ने 'लखपति बिटिया योजना' शुरू की है। इस नई योजना का उद्देश्य…

16 hours ago

वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपए तक पहुंचा

भारत के रक्षा क्षेत्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26…

16 hours ago

सांप पहचानने वाला ऐप लॉन्च: कोस्टा रिका की अनोखी तकनीकी पहल

कोस्टा रिका ने मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक अभिनव…

17 hours ago

UPI लेनदेन मार्च में 29.53 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर

देश के लोकप्रिय भुगतान मंच ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (यूपीआई) के जरिए होने वाले लेनदेन में…

17 hours ago