Categories: AwardsCurrent Affairs

इसरो प्रमुख डॉ. वी नारायणन को जीपी बिड़ला मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वर्तमान अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन को हाल ही में वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित जी.पी. बिड़ला मेमोरियल अवॉर्ड प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में उनके उत्कृष्ट योगदान और अत्याधुनिक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने में उनके नेतृत्व के लिए दिया गया है। यह पुरस्कार भारत के प्रमुख वैज्ञानिक सम्मानों में से एक है, जो विज्ञान, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में गहरा प्रभाव डालने वाले व्यक्तियों को मान्यता देता है।

पृष्ठभूमि

जी.पी. बिड़ला मेमोरियल अवॉर्ड, जिसे पहले लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड के नाम से जाना जाता था, प्रसिद्ध उद्योगपति और समाजसेवी घनश्यामदास (जी.पी.) बिड़ला की स्मृति में दिया जाता है। यह सम्मान जी.पी. बिड़ला पुरातत्वीय, खगोलविज्ञान और वैज्ञानिक संस्थान द्वारा प्रदान किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता निर्मला बिड़ला करती हैं। यह पुरस्कार विज्ञान, शिक्षा, खगोलशास्त्र और जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों को दिया जाता है।

डॉ. वी. नारायणन के बारे में

डॉ. नारायणन ने इसरो में एक लंबा और प्रभावशाली करियर बिताया है, विशेष रूप से क्रायोजेनिक प्रणोदन तकनीक (cryogenic propulsion) के क्षेत्र में। इसरो के अध्यक्ष बनने से पहले, वे लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC) के निदेशक के रूप में कार्यरत थे। उनके नेतृत्व में भारत ने गगनयान, चंद्रयान-3, और आदित्य-एल1 जैसे मिशनों में जटिल प्रणोदन प्रणालियों का सफल परीक्षण और एकीकरण किया।

सम्मान का महत्व

यह पुरस्कार भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान और विकास में बढ़ती क्षमता को मान्यता देता है और इस यात्रा में डॉ. नारायणन की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है। यह उन्हें डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, डॉ. कस्तूरीरंगन और डॉ. वेंकटरमण रामकृष्णन जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों की श्रेणी में रखता है, और भारत की वैज्ञानिक विरासत को वैश्विक स्तर पर जोड़ता है। साथ ही, यह इसरो की वैश्विक अंतरिक्ष अभियानों और वैज्ञानिक कूटनीति में बढ़ती रणनीतिक भूमिका को भी रेखांकित करता है।

पूर्व विजेता

अब तक यह पुरस्कार 32 नोबेल पुरस्कार विजेताओं सहित अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को दिया जा चुका है, जिनमें शामिल हैं:

  • डॉ. वेंकटरमण रामकृष्णन (रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार)

  • प्रो. जोगेश पाटी (सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी)

  • डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (भारत के पूर्व राष्ट्रपति)

  • डॉ. कस्तूरीरंगन (पूर्व इसरो अध्यक्ष)

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

ब्रिटेन सरकार का बड़ा फैसला: अब कभी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे बच्चे, संसद ने पास किया कानून

ब्रिटेन (UK) की संसद ने 'तंबाकू और वेप्स बिल' को मंज़ूरी दे दी है। इस…

12 hours ago

Top Current Affairs News 23 April 2026: पढ़ें फटाफट अंदाज में

Top Current Affairs 23 April 2026 in Hindi: बता दें, आज के इस दौर में सरकारी…

12 hours ago

कोणार्क सूर्य मंदिर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की जीर्णोद्धार परियोजना की व्याख्या

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने कोणार्क सूर्य मंदिर में एक महत्वपूर्ण संरक्षण अभियान शुरू किया…

13 hours ago

भारत ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में “वीएम फ्रेम्स” प्रतियोगिता शुरू की

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर…

15 hours ago

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नादेंडला भास्कर राव का हैदराबाद में निधन

अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नादेंडला भास्कर राव का हैदराबाद में 90 वर्ष की…

16 hours ago

सरकार का ऑनलाइन गेमिंग पर बड़ा फैसला, 1 मई से लागू होंगे नए नियम

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने 22 अप्रैल 2026 को बहुप्रतीक्षित ऑनलाइन गेमिंग नियमों को अधिसूचित…

18 hours ago